मिस्र की सरकार ने ऊर्जा की बढ़ती खपत और ईरान युद्ध के कारण पैदा हुए आर्थिक संकट को देखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री मुस्तफा मदबूली ने एलान किया है कि कल यानी 5 अप्रैल 2026 से सरकारी कर्मचारी रविवार के दिन घर से काम यानी रिमोट वर्क करेंगे। यह कदम देश के ऊर्जा बिल को कम करने के लिए उठाया गया है क्योंकि क्षेत्रीय संघर्ष की वजह से ईंधन की कीमतें काफी बढ़ गई हैं और सरकार खर्चों में कटौती करना चाहती है।
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वर्क फ्रॉम होम के नियम क्या हैं और यह किन पर लागू होगा?
- यह नियम फिलहाल अप्रैल महीने के चारों रविवार यानी 5, 12, 19 और 26 तारीख को लागू रहेगा।
- सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों को भी इसे अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
- अस्पताल, स्कूल, यूनिवर्सिटी और कारखानों जैसे जरूरी और उत्पादन से जुड़े क्षेत्रों को इस नियम से छूट दी गई है।
- एक महीने बाद इस फैसले की समीक्षा की जाएगी और बिजली की बचत को देखते हुए इसे आगे बढ़ाया जा सकता है।
ऊर्जा बचाने के लिए सरकार ने और कौन से नए नियम लागू किए हैं?
सरकार ने वर्क फ्रॉम होम के अलावा कई अन्य कड़े कदम भी उठाए हैं ताकि पेट्रोल और बिजली की बचत की जा सके। प्रधानमंत्री के अनुसार मिस्र का मासिक ऊर्जा बिल 1.2 अरब डॉलर से दोगुना होकर 2.5 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। इसे नियंत्रित करने के लिए सरकार ने पूरे देश के लिए कुछ अन्य गाइडलाइन्स भी जारी की हैं जो नीचे टेबल में दी गई हैं:
| योजना | नियम और शर्तें |
|---|---|
| दुकानें और मॉल | रात 9 बजे तक बंद करने के आदेश, वीकेंड पर 10 बजे तक की छूट। |
| सरकारी एजेंसियां | ईंधन और पेट्रोलियम उत्पादों की खपत में 30% की कमी करनी होगी। |
| स्ट्रीट लाइट | सड़कों और विज्ञापनों वाली लाइटें कम की जाएंगी। |
| सरकारी दफ्तर | नई प्रशासनिक राजधानी में सरकारी ऑफिस शाम 6 बजे तक बंद होंगे। |
इसके अलावा सरकार ने भारी मात्रा में डीजल और पेट्रोल की खपत करने वाले बड़े सरकारी प्रोजेक्ट्स को भी अगले दो महीनों के लिए धीमा करने का निर्देश दिया है। प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान युद्ध लंबे समय तक चलता है, तो आने वाले समय में ऊर्जा की राशनिंग को लेकर और भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
