यूएई में रहने वाले प्रवासियों और अक्सर यात्रा करने वाले लोगों के लिए एक बड़ी खबर है। इस साल गर्मी की छुट्टियों और ईद अल अधा के दौरान हवाई यात्रा करना काफी महंगा साबित हो सकता है। ट्रैवल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बढ़ती मांग और जेट ईंधन की ऊंची कीमतों के कारण आने वाले महीनों में हवाई किराये में 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होने की पूरी संभावना है। जून से अगस्त के बीच भारत, यूरोप और अमेरिका जाने वाले रूट्स पर टिकट के दाम सबसे ज्यादा आसमान छू सकते हैं।

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आखिर क्यों बढ़ रहे हैं हवाई टिकटों के दाम?

ट्रैवल एक्सपर्ट्स और एजेंसियों के अनुसार, इस साल गर्मियों के सीजन में अंतरराष्ट्रीय यात्रा की मांग बहुत ज्यादा है। इसके अलावा निम्नलिखित प्रमुख कारणों से हवाई किराये बढ़ रहे हैं:

  • जेट ईंधन की बढ़ती कीमतें: जेट ईंधन की कीमतें 85-90 डॉलर से बढ़कर 150-200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं, जिससे एयरलाइंस पर आर्थिक दबाव बढ़ा है।
  • उड़ानों में कटौती: कई प्रमुख एयरलाइंस ईंधन की बढ़ती लागत और मध्य पूर्व में हवाई क्षेत्र के प्रतिबंधों के कारण अपनी उड़ानों में कटौती कर रही हैं। उदाहरण के लिए, एयर इंडिया जुलाई तक अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में 10% की कटौती करने की तैयारी में है।
  • सीटों की सीमित उपलब्धता: पीक सीजन में सीटों की मांग बहुत ज्यादा है लेकिन विमानों की संख्या सीमित है।

भारत-यूएई रूट पर प्रवासियों पर पड़ेगा बड़ा असर

यूएई में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह बढ़ोतरी बड़ी चिंता का विषय है। कई प्रवासियों को अपने परिवार से मिलने भारत जाने के लिए अपनी दो महीने की सैलरी तक टिकटों पर खर्च करनी पड़ रही है। स्थिति को देखते हुए भारतीय कांग्रेस नेता विवेक तन्खा ने भी भारत सरकार से खाड़ी देशों के लिए किफायती उड़ानें फिर से शुरू करने की अपील की है।

एक रिसर्च के अनुसार, यूएई और भारत के बीच यात्रियों की संख्या इतनी तेजी से बढ़ रही है कि अगर विमानों की संख्या नहीं बढ़ाई गई, तो साल 2035 तक करीब 27% से अधिक यात्रियों को सीट या टिकट नहीं मिल पाएंगे।

यात्रियों के लिए क्या है विशेषज्ञों की सलाह?

ट्रैवल एजेंसियों ने सलाह दी है कि जो लोग गर्मियों में यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, वे आखिरी समय का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द अपनी टिकट बुक कर लें। आखिरी समय में बुकिंग करने पर काफी ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं।

हालांकि, कुछ रूट्स पर किराये में तेज उतार-चढ़ाव भी देखा जा रहा है। उदाहरण के लिए, ईद से पहले दुबई से इस्लामाबाद और लाहौर जैसे मार्गों पर कुछ खास तारीखों पर टिकट की कीमतों में लगभग 50% की गिरावट भी देखी गई है। इसलिए यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा की तारीखों को लेकर थोड़े लचीले रहें ताकि सही डील मिल सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

यूएई से हवाई किराये में कितनी बढ़ोतरी होने की संभावना है?

जून से अगस्त के पीक ट्रैवल सीजन और ईद अल अधा के दौरान यूएई से विभिन्न अंतरराष्ट्रीय रूटों पर हवाई किराये में 30% तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है।

फ्लाइट टिकट महंगे होने का मुख्य कारण क्या है?

इसका मुख्य कारण जेट ईंधन की कीमतों का 150 से 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचना, एयरलाइंस द्वारा उड़ानों में कटौती करना और छुट्टियों के कारण यात्रा की मांग में भारी बढ़ोतरी होना है।

क्या किराये में कमी आने की कोई उम्मीद है?

कुल मिलाकर कीमतें ऊंची रहेंगी, लेकिन कुछ विशिष्ट रूट्स पर तारीखों में लचीलापन रखने से यात्रियों को 50% तक सस्ते टिकट के विकल्प मिल सकते हैं।