ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान की Revolutionary Guard (IRGC) ने Strait of Hormuz पर अपना पूरा कंट्रोल होने का दावा किया है। उन्होंने साफ कहा है कि सैन्य जहाजों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा। इस बीच अमेरिका ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए वहां नौसैनिक नाकाबंदी का आदेश दे दिया है।

🚨: Strait of Hormuz में अमेरिका ने शुरू किया माइन हटाने का काम, ट्रंप ने लगाया जहाजों पर ब्लॉकड, दुनिया भर के व्यापार पर असर

ईरान ने क्या धमकी दी और क्या है उसका दावा

IRGC ने कहा कि Strait of Hormuz खुला है लेकिन केवल नागरिक जहाजों के लिए। सैन्य जहाजों को वहां आने पर सख्त अंजाम भुगतना होगा। 12 अप्रैल 2026 को ईरान ने एक अमेरिकी डिस्ट्रॉयर जहाज़ को अपना रास्ता बदलने की आखिरी चेतावनी दी। ईरान का कहना है कि वह इस जलमार्ग का स्मार्ट मैनेजमेंट कर रहा है और वहां अपनी मर्जी से जहाजों को आने देगा। ईरान वहां खदानें (mines) बिछाकर सुरक्षा शुल्क वसूलने की कोशिश भी कर रहा है।

अमेरिका का जवाब और राष्ट्रपति ट्रंप का आदेश

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने Strait of Hormuz की नौसैनिक नाकाबंदी का आदेश दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसी ने अमेरिकी या शांतिपूर्ण जहाजों पर हमला किया तो उसे तबाह कर दिया जाएगा। CENTCOM ने बताया कि USS Frank Peterson और USS Michael Murphy जैसे युद्धपोत वहां खदानें हटाने और सुरक्षित रास्ता बनाने के लिए भेजे गए हैं।

दुनिया भर में क्या असर हुआ और क्या बोले एक्सपर्ट

इस तनाव की वजह से दो पाकिस्तानी तेल टैंकरों को वापस लौटना पड़ा। ADNOC के CEO और IMO के प्रमुख ने ईरान की इस हरकत को गैरकानूनी बताया है। अंतरराष्ट्रीय नियमों के मुताबिक यह रास्ता सभी के लिए खुला रहना चाहिए। इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई बातचीत भी नाकाम रही क्योंकि ईरान इस रास्ते पर अपना पूरा कंट्रोल चाहता था।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.