UAE में भारतीय स्कूलों का नया सत्र ऑनलाइन शुरू, 17 अप्रैल तक घर से होगी पढ़ाई, सरकार ने जारी किए नए नियम.
UAE में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और छात्रों के लिए जरूरी खबर है। क्षेत्रीय हालातों और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सावधानी बरतते हुए नए शैक्षणिक सत्र 2026-2027 की शुरुआत ऑनलाइन मोड में करने का फैसला लिया है। अधिकांश भारतीय स्कूलों में 6 अप्रैल 2026 से पढ़ाई शुरू हो गई है और अब बच्चे घर बैठे ही अपनी क्लासेज ले रहे हैं।
शिक्षा मंत्रालय और रेगुलेटरी बोर्ड के क्या हैं नए आदेश?
UAE के शिक्षा मंत्रालय ने पूरे देश में नर्सरी, केजी, सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के साथ-साथ यूनिवर्सिटी में भी ऑनलाइन पढ़ाई को 17 अप्रैल 2026 तक बढ़ा दिया है। इस स्थिति की हर हफ्ते समीक्षा की जाएगी ताकि आगे का फैसला लिया जा सके।
- KHDA (दुबई): दुबई की ऑथोरिटी ने भारतीय स्कूलों के लिए स्पष्ट किया है कि नया सत्र ऑनलाइन ही शुरू होगा और स्कूलों को अपनी व्यवस्थाओं की समीक्षा दो हफ्ते के भीतर करनी होगी।
- ADEK (अबू धाबी): अबू धाबी के शिक्षा विभाग ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे बच्चों के लिए रोजाना का टाइमटेबल तय करें और स्क्रीन-फ्री ब्रेक देना अनिवार्य करें।
- नियम: स्कूलों को बच्चों की मानसिक सेहत पर ध्यान देने और हर हफ्ते वेलबीइंग चेक-इन करने के लिए कहा गया है।
स्कूलों की तैयारी और पेरेंट्स के लिए जरूरी जानकारी
स्कूलों ने ऑनलाइन पढ़ाई को बेहतर बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। GEMS New Millennium School और Woodlem Educational जैसे संस्थानों ने शिक्षकों को खास ट्रेनिंग दी है ताकि बच्चों को घर पर भी स्कूल जैसा माहौल मिल सके।
| स्कूल का नाम | मुख्य अपडेट |
|---|---|
| Delhi Private School (DPS) | छात्रों के लिए किताबों की होम डिलीवरी शुरू की गई है। |
| Woodlem Educational | अभिभावकों के लिए ज़ूम ट्रेनिंग सेशन आयोजित किए जाएंगे। |
| JSS Private School | शुरुआत में बच्चों की तैयारी जानने के लिए असेसमेंट किए जाएंगे। |
| Abu Dhabi Indian School | ADEK की नीतियों के तहत रोजाना हाजिरी और नियमों का पालन होगा। |
अधिकारियों ने यह भी साफ किया है कि माता-पिता को टीचर की जगह काम करने की जरूरत नहीं है, बल्कि उन्हें सिर्फ बच्चों की पढ़ाई में सहयोग देना है। शारीरिक शिक्षा के लिए भी हफ्ते में कम से कम 45 मिनट का समय तय किया गया है ताकि बच्चे एक्टिव रह सकें।




