UAE News: ईरान का मिसाइल हमला नाकाम, एयर डिफेंस ने हबशान गैस फैसिलिटी को बचाया
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के हबशान गैस प्लांट और बाब फील्ड पर ईरान की तरफ से किए गए हमले को देश के एयर डिफेंस ने सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया है। 19 मार्च 2026 को हुए इस आतंकी हमले को वायु रक्षा प्रणाली ने बीच में ही रोक दिया, जिससे कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया है।
ℹ: सऊदी गृह मंत्रालय का सख्त आदेश, सुरक्षा हालातों के बीच अफवाह फैलाने से बचने की सलाह।
हमले के बाद की स्थिति और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
अबू धाबी के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि हमले के दौरान मिसाइल के टुकड़े गिरने की वजह से हबशान गैस प्लांट के संचालन को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा था। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया ताकि किसी भी संभावित खतरे को टाला जा सके। गनीमत यह रही कि इस पूरे घटनाक्रम में किसी के भी घायल होने या हताहत होने की कोई खबर नहीं मिली है। यूएई सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का पूरा अधिकार रखती है।
क्षेत्रीय तनाव और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ा हुआ है। इस घटना से जुड़ी कुछ मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- रियाद बैठक: सऊदी अरब की राजधानी रियाद में यूएई और अन्य पड़ोसी देशों के बीच एक जरूरी बैठक हुई, जिसमें ईरान के इन हमलों की निंदा की गई।
- कतर पर हमला: ईरान ने कतर के रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी को भी निशाना बनाया, जिससे वहां की LNG फैसिलिटी को काफी नुकसान पहुंचा है।
- इजरायल कनेक्शन: रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान का यह हमला इजरायल द्वारा ईरान के गैस फील्ड पर किए गए हमले का जवाबी जवाब माना जा रहा है।
- अंतरराष्ट्रीय कानून: यूएई ने कहा कि ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाना वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती है।
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने भी इस स्थिति पर चिंता जताते हुए नागरिक और ऊर्जा बुनियादी ढांचों पर हमलों को तुरंत रोकने की अपील की है। रियाद में हुई बैठक में शामिल देशों ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत देशों के आत्मरक्षा के अधिकार को दोहराया है।




