UAE पर ईरान का हमला, 18 मिसाइल और 47 ड्रोन को हवा में गिराया, अनवर गरगाश ने दिया ईरान को कड़ा जवाब
UAE के राष्ट्रपति के सलाहकार डॉ. अनवर गरगाश ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि ईरान की यह हरकतें उसकी ताकत नहीं बल्कि उसके अहंकार और नाकामी को दिखाती हैं। हाल ही में ईरान ने फिर से UAE की तरफ मिसाइलें और ड्रोन भेजे थे जिन्हें सुरक्षा बलों ने हवा में ही नष्ट कर दिया। इस तनाव के बीच ईरान के पूर्व विदेश मंत्री के शांति प्रस्ताव को भी UAE ने बेकार बताया है क्योंकि इसमें पड़ोसी देशों की सुरक्षा को पूरी तरह नज़रअंदाज़ किया गया है।
ईरान के हमलों से अब तक कितना हुआ नुकसान?
UAE रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि हाल ही में 18 बैलिस्टिक मिसाइल, 4 क्रूज मिसाइल और 47 ड्रोन को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया गया। यह हमले नागरिक ठिकानों और गैस प्लांट को निशाना बनाकर किए गए थे। अब तक हुए हमलों का डेटा नीचे टेबल में दिया गया है:
| हमले का प्रकार/विवरण | कुल संख्या/असर |
|---|---|
| इंटरसेप्ट बैलिस्टिक मिसाइल | 475 |
| इंटरसेप्ट क्रूज मिसाइल | 23 |
| इंटरसेप्ट ड्रोन | 2085 |
| शहीद हुए UAE सैन्य कर्मी | 2 |
| घायल व्यक्तियों की संख्या | 203 |
| मारे गए अन्य विदेशी नागरिक | 10 |
इन हमलों की वजह से हबशान में गैस फैसिलिटी का काम भी रोकना पड़ा है। हमलों में एक मोरक्कन ठेकेदार और 9 अन्य अलग-अलग देशों के नागरिकों की जान भी गई है। UAE की सेना किसी भी खतरे से निपटने के लिए हाई अलर्ट पर है।
शांति प्रस्ताव पर क्या बोले डॉ. अनवर गरगाश?
डॉ. अनवर गरगाश ने पूर्व ईरानी विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ के उस लेख पर अपनी प्रतिक्रिया दी है जिसमें उन्होंने अमेरिका के साथ समझौते की बात कही थी। गरगाश ने कहा कि ज़रीफ़ का यह प्रस्ताव पूरी तरह से गलत है क्योंकि इसमें खाड़ी देशों के खिलाफ ईरान की आक्रामकता का कोई जिक्र नहीं है। गरगाश के मुताबिक पड़ोसी देशों पर हज़ारों मिसाइलें और ड्रोन दागना कोई ताकत की बात नहीं है।
- ईरान को अपने पड़ोसियों के खिलाफ हमले और आक्रामक रवैया तुरंत बंद करना होगा।
- किसी भी राजनीतिक समाधान में भविष्य में हमले न करने की गारंटी होना ज़रूरी है।
- ईरान को नागरिक और महत्वपूर्ण संपत्तियों के नुकसान की भरपाई करनी होगी।
- UN मानवाधिकार परिषद ने भी ईरान की इस हरकत की कड़ी निंदा की है।
UAE सरकार का कहना है कि अरब खाड़ी का इलाका व्यापार और शांति का रास्ता रहा है लेकिन ईरान ने इसे पड़ोसियों पर हमले का जरिया बना दिया है। गरगाश ने साफ चेतावनी दी है कि नागरिकों और इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने की कीमत चुकानी होगी और आत्मरक्षा का अधिकार सबके पास सुरक्षित है।




