UAE पर ईरान का बड़ा हमला, एयर डिफेंस ने मार गिराए 23 मिसाइल और 56 ड्रोन, भारतीयों समेत कई लोग हुए घायल
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर ईरान की तरफ से लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले किए जा रहे हैं। 4 अप्रैल 2026 को यूएई के डिफेंस सिस्टम ने सक्रिय रहते हुए 23 बैलिस्टिक मिसाइलों और 56 ड्रोन को हवा में ही खत्म कर दिया। इससे पहले 3 अप्रैल को भी भारी तादाद में मिसाइलें दागी गई थीं। हमलों के बाद यूएई सहित कई खाड़ी देशों ने मिलकर ईरान की इस हरकत की कड़ी निंदा की है और सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए हैं।
हमलों में अब तक क्या हुआ और कितना नुकसान हुआ
इन हमलों की वजह से कुछ रिहायशी और कमर्शियल इलाकों में मलबा गिरने से नुकसान की खबरें मिली हैं। दुबई इंटरनेट सिटी और दुबई मरीना की इमारतों को हल्का नुकसान पहुंचा है। अब तक हुई मौतों और घायलों में कई देशों के नागरिक शामिल हैं जिनमें भारत, पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश के प्रवासी भी शामिल हैं। नीचे दी गई टेबल में पिछले दो दिनों के हमलों की जानकारी दी गई है:
| तारीख | रोकी गई मिसाइलें | रोके गए ड्रोन (UAV) |
|---|---|---|
| 4 अप्रैल 2026 | 23 बैलिस्टिक | 56 ड्रोन |
| 3 अप्रैल 2026 | 18 बैलिस्टिक और 4 क्रूज | 47 ड्रोन |
- अबू धाबी के Ajban इलाके में 11 लोग मलबे की चपेट में आने से घायल हुए हैं।
- दुबई में Oracle की बिल्डिंग और मरीना की एक इमारत को मामूली नुकसान हुआ।
- संघर्ष शुरू होने से अब तक कुल 217 लोग घायल हुए हैं और 13 लोगों की जान गई है।
- अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि ईरान ने उनका एक F-15E लड़ाकू विमान भी मार गिराया है।
यूएई सरकार ने प्रवासियों और निवासियों के लिए क्या निर्देश दिए
गृह मंत्रालय और नेशनल इमरजेंसी क्राइसिस मैनेजमेंट अथॉरिटी (NCEMA) ने सभी को घरों के अंदर या सुरक्षित जगहों पर रहने की सलाह दी है। अधिकारियों ने कहा है कि लोग किसी भी तरह की अफवाहों पर यकीन न करें और केवल आधिकारिक सूत्रों से मिली खबर ही आगे बढ़ाएं। रक्षा मंत्रालय ने साफ़ किया है कि वे देश की सुरक्षा और स्थिरता के लिए पूरी तरह तैयार और हाई अलर्ट पर हैं।
भारतीय प्रवासियों और अन्य विदेशी नागरिकों के लिए यह जरूरी है कि वे स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। यूएई विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ईरानी नागरिकों के प्रवेश पर कोई बैन नहीं लगाया गया है और यह केवल गलत जानकारी फैलाई जा रही है। सऊदी अरब, कुवैत और कतर जैसे खाड़ी देशों ने भी इस संकट में यूएई का साथ देने और अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की बात दोहराई है।




