UAE और Jordan के विदेश मंत्रियों की बड़ी बैठक, ईरान के मिसाइल हमलों की कड़े शब्दों में निंदा, क्षेत्रीय शांति पर हुई चर्चा
UAE के डिप्टी प्राइम मिनिस्टर और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाह्यान ने जॉर्डन के विदेश मंत्री अयमन सफादी के साथ एक महत्वपूर्ण मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों ने खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा और आपसी रिश्तों को मजबूत करने पर बातचीत की। चर्चा के दौरान क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों पर विस्तार से बात हुई।
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ईरान के हमलों और सुरक्षा पर क्या बात हुई?
दोनों मंत्रियों ने ईरान द्वारा किए गए मिसाइल हमलों की कड़ी निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र के चार्टर का सीधा उल्लंघन बताया। शेख अब्दुल्ला ने स्पष्ट किया कि ईरान को अपनी शत्रुतापूर्ण हरकतें तुरंत बंद करनी होंगी। उन्होंने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बिना शर्त खोलने और अंतरराष्ट्रीय व्यापार व ऊर्जा सुरक्षा को खतरा न पहुँचाने की मांग की।
गाजा और फिलिस्तीन के लिए क्या रणनीति बनी?
बैठक में गाजा, वेस्ट बैंक और यरूशलेम के मौजूदा हालात पर भी चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि वहां के आम नागरिकों के लिए मानवीय मदद बढ़ाना बहुत जरूरी है। साथ ही उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शांति योजना की सभी शर्तों को लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि इस इलाके में स्थायी शांति आ सके।
UAE और जॉर्डन के आपसी सहयोग पर क्या रहा फैसला?
जॉर्डन के विदेश मंत्री अयमन सफादी ने UAE की संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए अपना पूरा समर्थन दिया। वहीं शेख अब्दुल्ला ने भी क्षेत्रीय खतरों से निपटने के लिए जॉर्डन के साथ खड़े रहने की बात कही। दोनों देशों ने सहमति जताई कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता लाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तालमेल बनाकर काम करना जरूरी है।




