UAE और जॉर्डन की बड़ी बैठक, ईरान के मिसाइल हमलों पर जताया कड़ा विरोध, दुनिया की अर्थव्यवस्था पर मंडराया खतरा
UAE के डिप्टी प्राइम मिनिस्टर शेख अब्दुल्ला बिन जायद और जॉर्डन के विदेश मंत्री अयमान सफादी ने अबू धाबी में मुलाकात की. दोनों नेताओं ने ईरान द्वारा किए गए मिसाइल हमलों पर गहरी चिंता जताई और इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का बड़ा उल्लंघन बताया. इस चर्चा का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में शांति बहाल करना और वैश्विक अर्थव्यवस्था को होने वाले नुकसान से बचाना था.
ईरान के हमलों से क्या नुकसान हुआ और UAE का क्या कहना है?
UAE के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, पिछले 40 दिनों में ईरान ने नागरिक ठिकानों और ऊर्जा केंद्रों पर करीब 2,819 मिसाइलें और ड्रोन दागे. इन हमलों से कई लोगों की जान गई और संपत्तियों को भारी नुकसान पहुँचा. शेख अब्दुल्ला बिन जायद ने साफ शब्दों में कहा कि ईरान को तुरंत अपनी शत्रुता खत्म करनी होगी. उन्होंने मांग की कि होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी शर्त के खोला जाए ताकि दुनिया भर में तेल और व्यापार की सप्लाई बाधित न हो.
क्षेत्रीय सुरक्षा और ताज़ा घटनाक्रम की पूरी जानकारी
ईरान के साथ चल रहे तनाव के कारण दुनिया के कई देशों ने सख्त कदम उठाए हैं. अमेरिका से लेकर इजराइल और बहरीन तक सभी इस स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं. इस पूरे मामले से जुड़ी अहम जानकारियां नीचे दी गई टेबल में देखी जा सकती हैं:
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| कुल हमले | 40 दिनों में 2,819 मिसाइल और ड्रोन |
| UN प्रस्ताव | प्रस्ताव 2817 के जरिए हमलों की निंदा |
| अमेरिकी कार्रवाई | CENTCOM द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी |
| बहरीन अपडेट | 7 ईरानी ड्रोन इंटरसेप्ट किए गए |
| व्यापारिक खतरा | होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से सप्लाई चेन पर असर |
| इजराइल का रुख | सीजफायर समझौते के उल्लंघन का आरोप |
| मुलाकात का स्थान | अबू धाबी, UAE |