UAE में काम करने वाले प्रवासियों और कंपनियों के लिए एक ज़रूरी जानकारी सामने आई है। अगर काम के दौरान किसी कर्मचारी से कोई गलती होती है और उससे किसी दूसरे व्यक्ति को चोट लगती है, तो उसकी कानूनी जिम्मेदारी कंपनी की होगी। हाल ही में एक मामला सामने आया जहां एक निर्माण कर्मी के हाथ से लकड़ी का टुकड़ा गिरने से सड़क पर चल रही एक महिला घायल हो गई, जिसके बाद कंपनी को मुआवजे की जिम्मेदारी लेनी पड़ी।

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कंपनी की कानूनी जिम्मेदारी और हर्जाना

UAE के सिविल ट्रांजैक्शन्स कानून के मुताबिक, अगर कोई कर्मचारी अपनी ड्यूटी के दौरान या काम की वजह से किसी को नुकसान पहुँचाता है, तो पीड़ित व्यक्ति सीधे कंपनी से मुआवजे की मांग कर सकता है। अदालत मामले की परिस्थितियों और कागजों के आधार पर मुआवजे की राशि तय करती है। हालांकि, कंपनी के पास यह अधिकार है कि वह हर्जाने के तौर पर दी गई राशि की वसूली बाद में उस दोषी कर्मचारी से कर सके।

इलाज और वेतन से जुड़े नियम

श्रम संबंध विनियमन पर संघीय डिक्री-कानून संख्या 33 (Federal Decree-Law No. 33 of 2021) के तहत कंपनियों के लिए कुछ सख्त नियम बनाए गए हैं। इनमें मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • मेडिकल खर्च: कर्मचारी के पूरी तरह ठीक होने या विकलांगता तय होने तक इलाज का पूरा खर्च कंपनी को उठाना होगा। इसमें अस्पताल, सर्जरी, दवाइयां और परिवहन का खर्च शामिल है।
  • सैलरी का भुगतान: चोट की वजह से काम न कर पाने की स्थिति में, पहले 6 महीने तक पूरा वेतन देना होगा। अगर इलाज 6 महीने से ज्यादा चलता है, तो अगले 6 महीने तक आधा वेतन दिया जाएगा।
  • मृत्यु मुआवजा: अगर हादसे में कर्मचारी की मौत हो जाती है, तो परिवार को 24 महीने के मूल वेतन के बराबर मुआवजा मिलेगा। यह राशि कम से कम 18,000 AED और ज्यादा से ज्यादा 200,000 AED तक हो सकती है।

कर्मचारियों के अधिकार और MoHRE की भूमिका

मानव संसाधन और अमीरात मंत्रालय (MoHRE) ने कार्यस्थल पर सुरक्षा के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। कर्मचारियों को यह अधिकार है कि वे अपने इलाज के लिए पूरी मदद लें और ठीक होने के बाद उसी वेतन और लाभ के साथ अपनी पुरानी पोजीशन पर वापस लौटें। अगर कंपनी मुआवजे या वेतन का भुगतान नहीं करती है, तो कर्मचारी श्रम अदालतों में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

नियोक्ताओं के लिए ज़रूरी सुरक्षा उपाय

कंपनियों को अपने यहाँ काम करने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए कुछ कदम उठाने ज़रूरी हैं। इसमें सुरक्षा उपकरण (PPE) देना, ऊँचाई पर काम करने वालों के लिए जोखिम मूल्यांकन करना और इमरजेंसी प्लान तैयार रखना शामिल है। MoHRE ने निर्देश दिया है कि किसी भी दुर्घटना की जानकारी तुरंत निर्धारित चैनल के माध्यम से मंत्रालय को दी जाए, जिसमें चोट की गंभीरता और दुर्घटना की वजह का विवरण हो।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com