UAE सरकार और फिलीपींस के बीच मीटिंग, प्रवासियों के लिए नया नियम, सुरक्षा और अधिकारों पर हुआ बड़ा समझौता.
यूएई और फिलीपींस की सरकारों ने मिलकर प्रवासी कामगारों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। 2 अप्रैल 2026 को हुई इस हाई-लेवल मीटिंग में दोनों देशों के बड़े अधिकारियों ने हिस्सा लिया और कामगारों के कल्याण के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई। इसका मुख्य मकसद फिलीपींस से आए वर्कर्स के अधिकारों की रक्षा करना और उन्हें एक सुरक्षित कामकाजी माहौल देना है। खाड़ी देशों में रहने वाले अन्य प्रवासियों के लिए भी यह एक अच्छी खबर है क्योंकि इससे लेबर नियमों में पारदर्शिता और सुधार की उम्मीद है।
मीटिंग में किन मुख्य बातों पर चर्चा हुई?
इस बैठक में यूएई के मानव संसाधन मंत्री डॉ. अब्दुल रहमान अल अवार और फिलीपींस के प्रवासी श्रमिक विभाग (DMW) के सचिव हंस काकडैक के बीच गंभीर चर्चा हुई। फिलीपींस सरकार ने यूएई में काम करने वाले अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए यूएई सरकार का आभार जताया। दोनों देशों ने सहमति जताई कि कामगारों के लिए भर्ती की प्रक्रिया को और भी पारदर्शी बनाया जाएगा। साथ ही, आने वाले समय में कामगारों की कुशलता बढ़ाने के लिए नई ट्रेनिंग और टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर जोर देने का फैसला किया गया।
अबू धाबी डायलॉग और कामगारों के लिए आने वाले बदलाव
फिलीपींस ने अब आधिकारिक तौर पर अबू धाबी डायलॉग (ADD) की अध्यक्षता संभाल ली है। इसके तहत अगले कुछ सालों तक लेबर माइग्रेशन और कामगारों के हितों की रक्षा के लिए कई नए प्रोग्राम शुरू किए जाएंगे। इन प्रोग्रामों का असर सीधे तौर पर गल्फ देशों में काम करने वाले लोगों पर पड़ेगा।
- डिजिटलाइजेशन: लेबर मैनेजमेंट को बेहतर बनाने के लिए अब डिजिटल सिस्टम का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा।
- स्किल ट्रेनिंग: वर्कर्स की स्किल्स बढ़ाने के लिए फिलीपींस की TESDA संस्था के साथ मिलकर काम होगा।
- सुरक्षा: प्रवासी कामगारों के लिए सोशल प्रोटेक्शन और सुरक्षित भर्ती के नियमों को और कड़ा किया जाएगा।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस: कामगारों की दक्षता और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए AI की मदद ली जाएगी।
प्रवासियों और नौकरी करने वालों पर क्या असर पड़ेगा?
इस सहयोग से यूएई में काम करने वाले फिलीपींस के लाखों नागरिकों के साथ-साथ अन्य देशों के प्रवासियों को भी काफी राहत मिलेगी। जब दो बड़े देश लेबर अधिकारों पर सख्ती से काम करते हैं, तो इससे पूरे गल्फ रीजन के वर्क कल्चर में सकारात्मक बदलाव आता है। इससे अवैध भर्ती पर रोक लगेगी और नौकरी करने वालों को उनकी मेहनत का सही हक मिल सकेगा। आने वाले समय में अबू धाबी डायलॉग के माध्यम से भर्ती के खर्चों और वीज़ा नियमों को और अधिक सरल और सुरक्षित बनाने की तैयारी है।




