यूएई (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्राह जाबेर अल-अहमद अल-सबाह ने क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर अहम बातचीत की है। यह बैठक 6 अप्रैल 2026 को हुई, जिसमें दोनों देशों ने बढ़ते सैन्य तनाव और इसके गंभीर परिणामों पर चिंता जताई। यह चर्चा ऐसे समय में हुई है जब खाड़ी क्षेत्र में ड्रोन और मिसाइल हमलों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और स्थिरता पर पड़ रहा है।

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बैठक में किन मुद्दों पर हुई मुख्य चर्चा?

इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्र में बिगड़ते सैन्य हालातों पर विस्तार से बात की। बैठक का मुख्य केंद्र यह था कि किस तरह इन सैन्य गतिविधियों का असर क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ रहा है। आधिकारिक सूचना के मुताबिक, कुवैत और यूएई दोनों इस बात पर सहमत थे कि स्थिरता बनाए रखने के लिए मिलकर कदम उठाना जरूरी है। भारत और अन्य देशों से आने वाले प्रवासियों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा सीधे तौर पर वहां रहने वाले लोगों और उड़ानों के संचालन को प्रभावित करती है।

खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और हमलों का विवरण

पिछले 24 घंटों में क्षेत्र में सुरक्षा काफी सख्त कर दी गई है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान की ओर से दागे गए कई मिसाइलों और ड्रोन को रोकने के लिए यूएई, कुवैत और सऊदी अरब ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम का उपयोग किया है। यूएई की सुरक्षा प्रणालियों ने बड़ी संख्या में खतरों को हवा में ही नाकाम किया है। हमलों का विवरण नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:

मिसाइल/ड्रोन के प्रकार यूएई द्वारा इंटरसेप्ट किए गए
बैलिस्टिक मिसाइल 519
क्रूज मिसाइल 26
ड्रोन (Drones) 2,210

इन घटनाओं के दौरान कुवैत के एक डिसालिनेशन प्लांट और यूएई के हबशान (Habshan) गैस प्लांट में आग लगने की खबरें भी आई थीं, जिन्हें बाद में नियंत्रित किया गया। प्रशासन की ओर से सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटा जा सके।