Ramadan Work Hours: घर से काम करने पर भी मिलेगा ओवरटाइम का पैसा, UAE में सख्त हुआ कानून
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रमज़ान के दौरान काम के घंटों में कटौती की जाती है। अक्सर कर्मचारियों के मन में यह सवाल रहता है कि अगर वो ऑफिस के बजाय घर से काम (Remote Work) कर रहे हैं, तो क्या उन्हें ओवरटाइम का पैसा मिलेगा। इसको लेकर अब स्थिति पूरी तरह साफ हो गई है। UAE लेबर लॉ के मुताबिक, कर्मचारी चाहे ऑफिस में हो या घर पर, उसके कानूनी अधिकार समान रहते हैं। इसका मतलब है कि रमज़ान में तय किए गए समय से ज्यादा काम करने पर ओवरटाइम देना अनिवार्य है।
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रमज़ान में काम के घंटे और ओवरटाइम के नियम
प्राइवेट सेक्टर के सभी कर्मचारियों के लिए रमज़ान के पूरे महीने काम के घंटों में दो घंटे की कटौती की जाती है। इसका मतलब है कि अगर सामान्य दिनों में 8 घंटे की ड्यूटी होती है, तो रमज़ान में यह घटकर 6 घंटे रह जाती है। अगर कोई कर्मचारी इन 6 घंटों के बाद काम करता है, तो उसे ओवरटाइम माना जाएगा।
मानव संसाधन और अमीरात मंत्रालय (MoHRE) ने स्पष्ट किया है कि कंपनियां कर्मचारियों को ‘वर्क फ्रॉम होम’ दे सकती हैं, लेकिन उन्हें काम के घटते हुए घंटों का पालन करना होगा। अगर कोई कर्मचारी घर से काम करते हुए 7वां या 8वां घंटा काम करता है, तो कंपनी को उसका अतिरिक्त पैसा देना होगा।
ओवरटाइम का भुगतान कितना होगा?
अगर कोई कर्मचारी अपनी शिफ्ट के बाद अतिरिक्त काम करता है, तो उसे बेसिक सैलरी के साथ एक्स्ट्रा पेमेंट मिलता है। यह भुगतान इस बात पर निर्भर करता है कि ओवरटाइम किस समय किया गया है। नीचे दी गई टेबल में आप इसे आसानी से समझ सकते हैं:
| समय (Time) | भुगतान (Payment Rule) |
|---|---|
| दिन का ओवरटाइम | बेसिक प्रति घंटा वेतन + 25% एक्स्ट्रा |
| रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक | बेसिक प्रति घंटा वेतन + 50% एक्स्ट्रा |
कंपनियों पर भारी जुर्माना और सीनियर पदों के लिए छूट
मंत्रालय ने नियोक्ताओं को चेतावनी दी है कि अगर रमज़ान के दौरान काम के घंटों में कटौती नहीं की गई या ओवरटाइम का पैसा नहीं दिया गया, तो भारी जुर्माना लग सकता है। नियमों का पालन न करने पर 50,000 दिरहम तक का जुर्माना लगाया जा सकता है और कंपनी को मंत्रालय के सिस्टम से सस्पेंड भी किया जा सकता है।
हालांकि, यह नियम सभी पर लागू नहीं होता। सीनियर मैनेजर या सुपरवाइजरी रोल में काम करने वाले लोग, जिनकी सैलरी में सब कुछ शामिल (All-inclusive contract) होता है, वे ओवरटाइम के हकदार नहीं होते। बाकी सभी कर्मचारियों का ओवरटाइम ‘वेज प्रोटेक्शन सिस्टम’ (WPS) में दर्ज होना जरूरी है ताकि बाद में कोई विवाद न हो।





