संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने अपनी हवाई सीमा यानी एयरस्पेस को आधिकारिक तौर पर फिर से खोल दिया है। सुरक्षा स्थितियों की पूरी तरह जांच करने के बाद 17 मार्च 2026 से सभी उड़ानों का संचालन सामान्य किया जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से क्षेत्रीय तनाव और ड्रोन हमलों के खतरों के कारण उड़ानों पर पाबंदी लगाई गई थी। अब जनरल सिविल एविएशन अथॉरिटी (GCAA) ने घोषणा की है कि देश का हवाई मार्ग नेविगेशन के लिए पूरी तरह सुरक्षित है।

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UAE एयरस्पेस खुलने से यात्रियों पर क्या असर होगा?

एयरस्पेस खुलने के बाद Emirates, Etihad और भारत की Air India और IndiGo जैसी बड़ी एयरलाइंस धीरे-धीरे अपना पुराना शेड्यूल बहाल कर रही हैं। फिलहाल उड़ानों की संख्या सामान्य दिनों के मुकाबले लगभग 44.6% तक पहुंच गई है। अधिकारियों ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस एयरलाइन की वेबसाइट या ऐप पर जरूर चेक कर लें ताकि एयरपोर्ट पर भीड़ और परेशानी से बचा जा सके।

सुरक्षा और पाबंदियों से जुड़े मुख्य आंकड़े क्या हैं?

भले ही हवाई सफर शुरू हो गया है, लेकिन कुछ सख्त सुरक्षा नियम अभी भी लागू रहेंगे। पिछले कुछ दिनों में सुरक्षा बलों ने बड़े स्तर पर खतरों को नाकाम किया है। इससे जुड़े मुख्य डेटा नीचे टेबल में दिए गए हैं:

विवरण आंकड़े/स्थिति
इंटरसेप्ट की गई मिसाइलें 304 बैलिस्टिक और 15 क्रूज मिसाइल
नष्ट किए गए ड्रोन 1,627 ड्रोन
निजी ड्रोन पर प्रतिबंध देशभर में पूरी तरह लागू
Shah Gas Field आग पर काबू, स्थिति सामान्य

GCAA और रक्षा मंत्रालय ने साफ किया है कि वे रियल-टाइम में हवाई क्षेत्र की निगरानी कर रहे हैं। आम जनता के लिए निजी ड्रोन, ग्लाइडर और लाइट स्पोर्ट्स एयरक्राफ्ट उड़ाने पर पाबंदी अभी भी जारी रहेगी। जो लोग इन नियमों का उल्लंघन करेंगे, उन पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और उनके उपकरण जब्त कर लिए जाएंगे।