सऊदी अरब का बड़ा प्रोजेक्ट: मक्का की मस्जिद में अब 20 लाख लोग एक साथ पढ़ सकेंगे नमाज़, 100 अरब डॉलर हुआ खर्च
सऊदी अरब ने मक्का की मस्जिद अल-हरम के तीसरे विस्तार को दुनिया के सबसे बड़े आर्किटेक्चरल प्रोजेक्ट्स में से एक बताया है। इस विस्तार के बाद मस्जिद की क्षमता बढ़कर 20 लाख नमाजियों तक पहुंच गई है। प्रोजेक्ट पर लगभग 100 अरब डॉलर यानी 375 अरब रियाल खर्च हुए हैं। यह दुनिया का सबसे महंगा निर्माण कार्य माना जा रहा है। रमजान 2026 के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए यहां विशेष इंतजाम किए गए हैं।
मस्जिद के विस्तार और आर्किटेक्चर की मुख्य विशेषताएं
मस्जिद का यह विस्तार 12 लाख से 14.7 लाख वर्ग मीटर के बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। इसमें श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आधुनिक इंजीनियरिंग और तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
- गुंबद और मीनारें: मस्जिद में कुल 22 गुंबद हैं, जिनमें 12 चलने वाले कांच के गुंबद शामिल हैं। इसके अलावा चार नई मीनारें भी जोड़ी गई हैं।
- कूलिंग और साउंड: यहां 90,000 टन की कूलिंग क्षमता वाला सिस्टम लगा है। पूरे परिसर में 1,300 स्पीकर लगाए गए हैं ताकि आवाज हर कोने तक पहुंचे।
- आवाजाही: मस्जिद में 428 एस्केलेटर, 28 लिफ्ट और 80 मुख्य दरवाजे बनाए गए हैं। कुल मिलाकर 188 रास्तों से प्रवेश किया जा सकता है।
- सजावट: मस्जिद की छतों और दीवारों पर मार्बल, मोज़ेक और कुरान की आयतों को बेहतरीन तरीके से उकेरा गया है।
रमजान 2026 के लिए किए गए खास इंतजाम
रमजान के आखिरी 10 दिनों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने हाई-टेक प्लान लागू किया है। इंटरनेट ऑफ थिंग्स और कलर-कोडेड स्क्रीन की मदद से भीड़ पर नजर रखी जा रही है।
| सुविधा का नाम | विवरण |
|---|---|
| सामान रखने की जगह | 4 घंटे के लिए 5 फ्री Luggage स्टोरेज सेंटर शुरू |
| नयी कालीनें | पूरे परिसर में 39,400 नई कालीनें बिछाई गई हैं |
| सफाई व्यवस्था | 24 घंटे फील्ड टीमें सफाई और स्टरलाइजेशन कर रही हैं |
| जायरीन की संख्या | अब तक 5.76 करोड़ से ज्यादा लोग नमाज पढ़ चुके हैं |
मस्जिद के तीसरे विस्तार वाले हिस्से में एक बड़ा लगेज सेंटर भी बनाया गया है। यह सर्विस बिल्डिंग के पास गेट नंबर 3 के करीब स्थित है। किंग सलमान और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की देखरेख में इन सुविधाओं को लगातार बेहतर किया जा रहा है ताकि दुनिया भर से आने वाले उमराह यात्रियों को कोई परेशानी न हो।




