UAE अब दुनिया में टेक्नोलॉजी का बड़ा केंद्र बनने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए UAE के अधिकारी अमेरिका गए और वहां बड़े नेताओं से मुलाकात की। यह पूरी डील आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नई मशीनों को लेकर है जिससे आने वाले समय में नौकरियां और बिजनेस के नए मौके मिलेंगे।

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UAE और अमेरिका के बीच किन बातों पर हुई चर्चा?

UAE के विदेश मंत्रालय के अधिकारी Omran Sharaf ने अमेरिका में एक बड़े प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। उन्होंने वाशिंगटन में Michael Kratsios और Jacob Helberg जैसे बड़े अधिकारियों से मुलाकात की। इस बातचीत का मुख्य मकसद AI और क्वांटम जैसी नई टेक्नोलॉजी में साथ मिलकर काम करना था। UAE ने अमेरिका की अर्थव्यवस्था में 1.4 ट्रिलियन डॉलर निवेश करने का वादा किया है।

AI चिप्स और नए कैंपस की क्या है तैयारी?

Ambassador Yousef Al Otaiba ने बताया कि अमेरिका से पहली बार एडवांस AI चिप्स की खेप UAE पहुंच चुकी है। इसके साथ ही एक बहुत बड़ा 5-गीगावाट का AI कैंपस बनाया जा रहा है। इस कैंपस का पहला 200 मेगावाट हिस्सा बहुत जल्द चालू हो जाएगा। यह टेक्नोलॉजी अबु धाबी से पूरी दुनिया के करीब आधे लोगों तक पहुंच सकती है।

इस साझेदारी का आम लोगों पर क्या असर होगा?

  • नई नौकरियां: टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में निवेश से दोनों देशों में रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
  • सस्ती टेक्नोलॉजी: उभरते बाजारों में AI की सुविधाएं आसानी से उपलब्ध होंगी।
  • सुरक्षा और नियम: नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल जिम्मेदारी से करने के लिए साझा नियम बनाए जाएंगे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

UAE और अमेरिका के बीच निवेश की राशि कितनी है

UAE ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 1.4 ट्रिलियन डॉलर का निवेश करने का वादा किया है।

AI चिप्स को लेकर क्या अपडेट है

अमेरिका ने निर्यात की मंजूरी दे दी है और एडवांस AI चिप्स की पहली खेप मई 2026 में UAE पहुंच चुकी है।