UK Kuwait Drone System: कुवैत की सुरक्षा के लिए ब्रिटेन ने भेजा Rapid Sentry सिस्टम, ड्रोन हमलों को रोकने की तैयारी
कुवैत की हवाई सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ब्रिटेन ने अपने सबसे आधुनिक ड्रोन डिफेंस सिस्टम को वहां तैनात किया है. यह कदम ईरान और उसके समर्थकों द्वारा किए जा रहे ड्रोन हमलों को रोकने के लिए उठाया गया है. ब्रिटिश रॉयल एयर फोर्स (RAF) ने इसकी आधिकारिक पुष्टि कर दी है ताकि इलाके में शांति बनी रहे और जान-माल का नुकसान न हो.
ब्रिटेन ने कुवैत में कौन सा सिस्टम भेजा और क्यों?
ब्रिटेन ने ‘Rapid Sentry’ नाम का काउंटर-ड्रोन सिस्टम तैनात किया है. यह एक ऐसा सिस्टम है जो जमीन से काम करता है और दुश्मन के ड्रोन को पहचान कर उन्हें तबाह करने में सक्षम है. ब्रिटेन के डिफेंस सेक्रेटरी जॉन हीली ने बताया कि यह सिस्टम पहले भी युद्ध के मैदान में अपनी ताकत साबित कर चुका है. इसका मुख्य मकसद कुवैत और वहां मौजूद ब्रिटिश लोगों और उनके हितों की सुरक्षा करना है.
एयर कमोडोर पॉल हैमिल्टन के मुताबिक, जब ड्रोन को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से नहीं रोका जा सकता, तब Rapid Sentry उसे भौतिक रूप से नष्ट करने का काम करता है. यह सिस्टम खतरे को पहचानने, ट्रैक करने और उसे खत्म करने की पूरी क्षमता रखता है.
हमलों की ताजा स्थिति और महत्वपूर्ण जानकारियां
हाल ही में कुवैत के ऑयल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला हुआ था, जिसकी ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर ने कड़ी निंदा की. कुवैत की नेशनल गार्ड ने मार्च के आखिर में कई ड्रोन गिराए थे और 8 अप्रैल को भी ईरानी ड्रोन को इंटरसेप्ट किया गया था. इस तनाव के बीच ब्रिटेन ने अपनी मदद बढ़ाई है.
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| सिस्टम का नाम | Rapid Sentry |
| तैनाती की तारीख | 25 से 29 मार्च 2026 |
| आधिकारिक घोषणा | 2 अप्रैल 2026 |
| तकनीक | Thales UK LMM और ORCUS+ |
| मुख्य लक्ष्य | ड्रोन हमलों को रोकना |
ब्रिटेन की भूमिका और भविष्य की योजना
कुवैत में ब्रिटेन के राजदूत कुदसी रशीद ने साफ किया है कि यह पूरी तरह से रक्षात्मक कदम है. ब्रिटेन केवल सिस्टम भेजने के साथ-साथ RAF विशेषज्ञों के जरिए ट्रेनिंग और सलाह भी दे रहा है. ब्रिटिश मिलिट्री मिशन भी कुवैत को लगातार मदद पहुंचा रहा है.
ब्रिटेन सरकार का कहना है कि यह लड़ाई उनकी नहीं है, लेकिन वे अपने पार्टनर्स की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं. उनका लक्ष्य यह है कि सुरक्षा पुख्ता रहे और मामला किसी बड़े युद्ध या टकराव में न बदले.




