Saudi Arabia पर हुए मिसाइल हमलों के बाद UK सेना ने संभाला मोर्चा, PM कीर स्टार्मर ने क्राउन प्रिंस को किया फोन
सऊदी अरब और ईरान के बीच चल रहे तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर (Keir Starmer) ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) से फोन पर बात की है। 6 मार्च 2026 को हुई इस बातचीत में ब्रिटेन ने साफ कर दिया है कि वह मुश्किल की इस घड़ी में सऊदी अरब के साथ मजबूती से खड़ा है। यह बातचीत तब हुई है जब सऊदी अरब की धरती पर ईरान की तरफ से किए गए हमलों की खबरें सामने आई हैं।
ब्रिटेन ने दिया सुरक्षा का पूरा भरोसा
प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने क्राउन प्रिंस से बात करते हुए कहा कि ब्रिटेन, सऊदी अरब की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ब्रिटेन ने 1 मार्च को ही अपने कानूनी दस्तावेजों में साफ कर दिया था कि वे Article 51 के तहत अपने सहयोगियों की रक्षा के लिए तैयार हैं। इसका मतलब यह है कि अगर सऊदी अरब पर कोई हमला होता है, तो ब्रिटेन बचाव के लिए अपनी सेना का इस्तेमाल कर सकता है। हालांकि, ब्रिटेन ने यह भी साफ किया है कि उनकी भूमिका सिर्फ मिसाइलों और ड्रोन को रोकने तक सीमित रहेगी और वे ईरान पर सीधा हमला नहीं करेंगे।
मिसाइल हमले और फ्लाइट्स पर बड़ा अपडेट
बीते 24 घंटों में सऊदी अरब में सुरक्षा को लेकर काफी हलचल रही। रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी एयर डिफेंस ने 3 बैलिस्टिक मिसाइलें प्रिंस सुल्तान एयर बेस के पास और 3 ड्रोन रियाद के पूर्व में मार गिराए हैं। इस तनाव के कारण आम लोगों पर भी असर पड़ा है:
- सऊदी अरब की एयरलाइन Saudia ने दुबई, अबू धाबी और दोहा जैसी 8 जगहों के लिए अपनी फ्लाइट्स रोक दी हैं।
- ब्रिटेन ने अपने नागरिकों को रियाद और पूर्वी इलाकों में यात्रा न करने की सलाह दी है।
- ब्रिटिश नागरिकों को निकालने के लिए मस्कट (ओमान) से विशेष फ्लाइट्स चलाई जा रही हैं।
- ब्रिटेन के RAF Typhoon और F-35 फाइटर जेट्स अब आसमान में गश्त लगा रहे हैं।
तेल की कीमतें और आम आदमी की जेब
इस तनाव का सीधा असर अब आपकी जेब पर भी पड़ सकता है। हमलों की खबर आते ही कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में भारी उछाल आया है और यह $90.13 प्रति बैरल तक पहुंच गया है। सऊदी अरामको ने सुरक्षा कारणों से जहाजों का रास्ता बदल दिया है, जिससे माल ढुलाई का खर्च बढ़ गया है। सऊदी अरब ने एशियाई बाजारों के लिए तेल की कीमतें भी बढ़ा दी हैं। इसका सीधा मतलब है कि आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम पूरी दुनिया में बढ़ सकते हैं, जिसका असर भारत जैसे देशों में रहने वाले लोगों पर भी पड़ेगा।





