Saudi Arabia पर ईरानी हमलों के बीच ब्रिटेन का बड़ा फैसला, PM Keir Starmer ने सैन्य मदद का दिया भरोसा
सऊदी अरब पर हो रहे लगातार हमलों के बीच ब्रिटिश प्रधानमंत्री Keir Starmer ने क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman से फोन पर बात की है। इस बातचीत में ब्रिटेन ने सऊदी अरब के प्रति अपना पूरा समर्थन जताया और सैन्य रक्षा उपकरण भेजने का फैसला किया है। 24 मार्च 2026 को हुई इस बातचीत के दौरान ईरान की ओर से किए जा रहे हमलों की कड़ी निंदा की गई और इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया गया। सऊदी अरब के पूर्वी हिस्से में हाल ही में कई ड्रोन हमलों को नाकाम किया गया है जिससे तनाव बढ़ गया है।
ब्रिटिश प्रधानमंत्री और सऊदी क्राउन प्रिंस के बीच क्या चर्चा हुई?
ब्रिटिश प्रधानमंत्री Keir Starmer ने क्राउन प्रिंस के साथ फोन कॉल पर ईरान की ओर से सऊदी अरब की जमीन को निशाना बनाए जाने पर दुख जताया। इस चर्चा के मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
- प्रधानमंत्री Starmer ने सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए ब्रिटेन की ओर से नए सैन्य उपकरण भेजने की जानकारी दी।
- UK सरकार ने ईरान के इन हमलों को डरावना और बुनियादी ढांचे के लिए खतरनाक बताया है।
- दोनों देशों के बीच Strait of Hormuz से होने वाले व्यापार को सुरक्षित रखने के लिए एक ठोस योजना बनाने पर सहमति बनी।
- ब्रिटेन ने स्पष्ट किया कि वह मध्य पूर्व के संकट में सऊदी अरब के साथ मजबूती से खड़ा है।
सऊदी अरब में सुरक्षा के मौजूदा हालात और ड्रोन हमले
सऊदी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि देश के पूर्वी प्रांत में बड़ी कार्रवाई करते हुए ईरान के ड्रोन को मार गिराया गया है। यह वह इलाका है जहां सऊदी के महत्वपूर्ण ऊर्जा केंद्र स्थित हैं। इस स्थिति से जुड़ी अहम जानकारी इस प्रकार है:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तारीख | 24 मार्च 2026 |
| मार गिराए गए ड्रोन | 24 ईरानी ड्रोन (UAVs) |
| निशाना | पूर्वी प्रांत के ऊर्जा केंद्र |
| सऊदी की चेतावनी | बिजली और पानी के ठिकानों पर हमला रेड लाइन माना जाएगा |
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE अब ईरान के खिलाफ सीधी सैन्य कार्रवाई में शामिल होने के करीब पहुंच रहे हैं। सऊदी अधिकारियों ने पहले भी कहा था कि उनके देश के संसाधनों पर किसी भी तरह का सीधा हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं दूसरी ओर सऊदी अरब ने शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करने की बात भी दोहराई है ताकि क्षेत्र में स्थिरता बनी रहे।




