ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer ने खाड़ी क्षेत्र की समुद्री सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ी पहल की है। उन्होंने घोषणा की है कि ब्रिटेन ने 35 देशों को एक साथ लाकर समुद्री रास्तों को सुरक्षित बनाने के लिए हाथ मिलाया है। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि ब्रिटेन ईरान के खिलाफ चल रहे अमेरिका और इजरायल के युद्ध का हिस्सा नहीं बनेगा। उन्होंने इसे ब्रिटेन के राष्ट्रीय हित में तटस्थ रहने का फैसला बताया है और कहा है कि यह उनकी लड़ाई नहीं है।

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खाड़ी की समुद्री सुरक्षा के लिए क्या है नया प्लान?

ब्रिटेन की विदेश सचिव Yvette Cooper जल्द ही 35 देशों के प्रतिनिधियों के साथ एक अहम बैठक की मेजबानी करेंगी। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य कूटनीतिक रास्तों से जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाना और समुद्री व्यापार को फिर से पटरी पर लाना है। प्रधानमंत्री Starmer ने हाल ही में शिपिंग, एनर्जी और बीमा सेक्टर के बड़े व्यापारिक नेताओं के साथ भी बैठक की है ताकि समुद्री व्यापार की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके बाद सैन्य योजनाकार यह चर्चा करेंगे कि Strait of Hormuz को फिर से सुरक्षित कैसे बनाया जाए।

Strait of Hormuz के बंद होने से आम आदमी पर क्या होगा असर?

  • ईरान ने 28 फरवरी 2026 से Strait of Hormuz को बंद कर रखा है जिससे तेल और गैस की सप्लाई रुकी हुई है।
  • इस रास्ते के बंद होने से पूरी दुनिया में तेल की कीमतें बढ़ी हैं जिसका असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है।
  • ब्रिटेन सरकार का मानना है कि इस रास्ते को खोलना महंगाई को कम करने के लिए बेहद जरूरी है।
  • 35 देशों का यह गठबंधन कूटनीतिक दबाव के जरिए समुद्री व्यापार को बहाल करने की कोशिश करेगा।
  • ब्रिटेन ने साफ किया है कि वह युद्ध से दूर रहकर केवल समुद्री सुरक्षा और अपने आर्थिक हितों पर ध्यान देगा।
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.