खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव के बीच ब्रिटेन की रॉयल एयर फोर्स ने बड़ी कार्रवाई की है। ब्रिटिश टाइफून लड़ाकू विमानों ने ईरान की ओर से दागे गए उन ड्रोनों को मार गिराया है जो खाड़ी देशों को निशाना बना रहे थे। यह घटना 6 अप्रैल 2026 की है। इस हमले की कोशिश के बाद पूरे जीसीसी क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

ℹ: Saudi Foreign Minister की जॉर्डन के साथ हुई अहम बैठक, ईरान की हरकतों पर जताया कड़ा एतराज, सुरक्षा को लेकर लिया गया बड़ा फैसला.

किन जगहों पर हुआ हमला और क्या हुआ असर?

ईरान की ओर से भेजे गए ड्रोन और मिसाइलों के मलबे से खाड़ी के कई हिस्सों में नुकसान की खबरें आई हैं। अबू धाबी में एक पेट्रोकेमिकल प्लांट और कुवैत के तेल क्षेत्र परिसर में आग लगने की घटनाएं दर्ज की गई हैं। बहरीन में भी एक स्टोरेज फैसिलिटी को नुकसान पहुंचा है। इन देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि वे इन औद्योगिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में कार्यरत हैं।

देश प्रभावित इलाका या कार्रवाई
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) अबू धाबी प्लांट में मलबे से आग लगी
कुवैत शुवाइख तेल क्षेत्र परिसर प्रभावित हुआ
बहरीन स्टोरेज फैसिलिटी में आग की घटना
कतर दो क्रूज मिसाइलें हवा में रोकी गईं
सऊदी अरब एक ईरानी क्रूज मिसाइल को मार गिराया

ब्रिटेन की रक्षा कार्रवाई और आधिकारिक बयान

ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि उनके टाइफून और F-35 विमानों ने जॉर्डन, बहरीन और UAE के ऊपर रक्षात्मक मिशन जारी रखे हैं। ब्रिटिश प्रधानमंत्री की सरकार ने कहा है कि उनका मकसद केवल अपने सहयोगियों की सुरक्षा करना और क्षेत्र में शांति बनाए रखना है। चार ब्रिटिश पायलटों को इन ड्रोनों को सफलतापूर्वक मार गिराने के लिए विशेष सम्मान भी दिया गया है। ब्रिटेन ने स्पष्ट किया है कि वह किसी युद्ध का हिस्सा नहीं है बल्कि केवल आत्मरक्षा के नियमों का पालन कर रहा है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.