Ukraine Drone Deal: मिडिल ईस्ट देशों की मदद के बदले यूक्रेन ने मांगा पैसा और तकनीक, ज़ेलेंस्की का नया बयान
अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की (Zelenskyy) ने मिडिल ईस्ट देशों को ड्रोन तकनीक में मदद करने के बदले पैसे और नई तकनीक की मांग की है। हाल के दिनों में यूक्रेन ने सऊदी अरब, कतर और UAE जैसे खाड़ी देशों में अपने ड्रोन एक्सपर्ट भेजे हैं। इन देशों ने ईरानी शाहेद (Shahed) ड्रोन से निपटने के लिए यूक्रेन से मदद मांगी थी। अब इसके बदले यूक्रेन ने अपनी शर्तें साफ कर दी हैं और मदद के बदले पैट्रियट मिसाइल जैसे डिफेंस सिस्टम की भी उम्मीद लगा रखी है।
खाड़ी देशों में क्यों गए यूक्रेन के एक्सपर्ट?
पिछले कुछ हफ्तों में यूक्रेन और मिडिल ईस्ट देशों के बीच ड्रोन सुरक्षा को लेकर काफी बातचीत हुई है। अमेरिका के बेस वाले देशों में यूक्रेन ने अपने विशेषज्ञों को भेजा है ताकि वे सुरक्षा तंत्र को मजबूत कर सकें।
- ईरानी शाहेद ड्रोन के हमलों को रोकने के लिए जॉर्डन, कतर, UAE, सऊदी अरब और बहरीन ने यूक्रेन से मदद मांगी थी।
- यूक्रेन के पास युद्ध के कारण इन ड्रोन्स को इंटरसेप्ट करने और मार गिराने का अच्छा अनुभव है।
- राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने यह भी साफ किया है कि खाड़ी देशों में ड्रोन डिफेंस के लिए यूक्रेन के ऑपरेटर और सॉफ्टवेयर का ही इस्तेमाल होना चाहिए।
यूक्रेन की मुख्य मांगें क्या हैं?
मिडिल ईस्ट में महत्वपूर्ण ड्रोन सुरक्षा देने के बदले यूक्रेन ने साफ तौर पर कहा है कि यह एकतरफा मदद नहीं होगी। मीडिया अपडेट्स के अनुसार, ज़ेलेंस्की ने इस डील में कई चीजें वापस मांगी हैं।
- आर्थिक मदद और नई तकनीक के साथ-साथ यूक्रेन अपने देश की सुरक्षा के लिए पैट्रियट (Patriot) जैसे एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम चाहता है।
- एक पैट्रियट मिसाइल की कीमत करीब 3.8 मिलियन डॉलर होती है, जो यूक्रेन अपनी रक्षा के लिए मांग रहा है।
- इसके अलावा अमेरिका और यूक्रेन के बीच संयुक्त रूप से ड्रोन बनाने का एक प्लान भी चल रहा है, जिसे खाड़ी देशों के अन्य ऑफर्स से ज्यादा प्राथमिकता दी जा रही है।




