संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव Antonio Guterres ने 25 मार्च 2026 को न्यूयॉर्क में एक बड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रही जंग अब सीमाओं को पार कर चुकी है और पूरी तरह बेकाबू हो गई है। इस संघर्ष की वजह से Strait of Hormuz के बंद होने का खतरा मंडरा रहा है, जिससे दुनिया भर में तेल, गैस और खाद की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। Guterres ने सभी देशों से तुरंत युद्ध रोकने और बातचीत की मेज पर लौटने की अपील की है।

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जंग का आम जनता और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर क्या होगा असर?

Antonio Guterres ने बताया कि Strait of Hormuz का बंद होना दुनिया के लिए बहुत बड़ा आर्थिक झटका साबित होगा। खेती का सीजन शुरू होने वाला है और ऐसे में खाद (fertilizer) की कमी से पूरी दुनिया में खाद्य संकट पैदा हो सकता है। इसके मुख्य प्रभाव कुछ इस प्रकार हैं:

  • दुनिया भर में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की संभावना है।
  • खाड़ी देशों से होने वाला व्यापार रुकने से भारत सहित कई देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव पड़ेगा।
  • ईरान ने साफ किया है कि वह केवल उन जहाजों को रास्ता देगा जो अमेरिका या इजरायल से संबंधित नहीं हैं।
  • समुद्री रास्तों में रुकावट आने से सामान की डिलीवरी महंगी और लंबी हो जाएगी।

जंग और नुकसान से जुड़े ताजा आंकड़े

पिछले तीन हफ्तों से चल रही इस जंग में भारी जान-माल का नुकसान हुआ है। UN महासचिव ने हालात को संभालने के लिए French राजनयिक Jean Arnault को अपना विशेष दूत नियुक्त किया है। जंग की वर्तमान स्थिति नीचे दी गई टेबल में देखी जा सकती है:

विवरण महत्वपूर्ण जानकारी
जंग की शुरुआत 28 फरवरी 2026
ईरान में कुल मौतें 1,500 से अधिक
लेबनान में मौतें लगभग 1,100
अमेरिकी सैनिकों की मौत 13
अमेरिकी सैन्य तैनाती 50,000 सैनिक और 200 लड़ाकू विमान

Guterres ने खाड़ी देशों (Gulf countries) से अपील की है कि वे इस संघर्ष का हिस्सा न बनें। उन्होंने ईरान से भी कहा है कि वह अपने पड़ोसी देशों पर हमले बंद करे। उन्होंने लेबनान के बिगड़ते हालात पर भी चिंता जताई और चेतावनी दी कि लेबनान को दूसरा Gaza न बनने दिया जाए। अमेरिका ने शांति का एक प्रस्ताव रखा था जिसे ईरान ने पूरी तरह खारिज कर दिया है।