गाज़ा में आम लोगों की जान जाने का सिलसिला थम नहीं रहा है। UN के मानवाधिकार कमिश्नर Volker Türk ने इस बात पर गहरी चिंता जताई है कि वहां अब भी हर दिन नागरिक मारे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि युद्धविराम की घोषणा के छह महीने बाद भी लोग सुरक्षित नहीं हैं और इसराइल के हमले लगातार जारी हैं।

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गाज़ा में क्या स्थिति है और UN ने क्या कहा?

Volker Türk के मुताबिक, गाज़ा पट्टी में इसराइल के हमले अब एक सामान्य बात हो गई हैं। उन्होंने कहा कि लोगों की जान की इस तरह अनदेखी करना अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है। उनके अनुसार, हमला करने वालों को सजा न मिलना इस हिंसा को और बढ़ावा दे रहा है।

UN कमिश्नर ने यह भी कहा कि वहां के आम नागरिक अब भी बहुत बड़े खतरे में हैं और उन्हें कोई सुरक्षा नहीं मिल रही है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानूनों का हवाला देते हुए नागरिकों और उनके बुनियादी ढांचे की सुरक्षा की मांग की है।

अब तक कितने लोग मारे गए और क्या आंकड़े हैं?

Médecins Sans Frontières (MSF) और गाज़ा स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि 10 अक्टूबर 2025 को लागू हुआ युद्धविराम पूरी तरह नाकाम रहा। हिंसा और सैन्य नियंत्रण बढ़ने से हज़ारों लोग प्रभावित हुए हैं।

समय सीमा मारे गए लोग घायल लोग
10 अक्टूबर 2025 के बाद से 733 1,913
1 नवंबर 2024 से 31 अक्टूबर 2025 25,500 से अधिक 68,800 से अधिक

Volker Türk ने और किन बातों पर आपत्ति जताई?

मानवाधिकार कमिश्नर ने सिर्फ मौतों पर ही नहीं, बल्कि अन्य गंभीर मुद्दों पर भी बात की है। उनके द्वारा उठाए गए मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:

  • मृत्युदंड का विरोध: उन्होंने इसराइल से उस कानून को हटाने को कहा है जो फिलिस्तीनियों के लिए मृत्युदंड को फिर से लागू करता है।
  • बोलने की आज़ादी: उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के कारण वेस्ट बैंक में 200 फिलिस्तीनियों की गिरफ्तारी की निंदा की।
  • जनसंख्या बदलाव: उन्होंने चिंता जताई कि गाज़ा और वेस्ट बैंक में इसराइल की कार्रवाई वहां की जनसंख्या के स्वरूप को स्थायी रूप से बदलने की कोशिश हो सकती है।