संयुक्त राष्ट्र के यमन दूत Hans Grundberg ने हूतियों (Houthis) को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि उन्हें यमन को किसी बड़े क्षेत्रीय संघर्ष में धकेलने का कोई अधिकार नहीं है। यह बयान 29 मार्च 2026 को सऊदी न्यूज़ द्वारा जारी जानकारी के बाद आया है। UN दूत ने इस बात पर जोर दिया है कि यमन पहले ही काफी संकट झेल चुका है और अब इसे बाहरी लड़ाइयों का हिस्सा बनाना गलत होगा।

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UN दूत Hans Grundberg ने क्या कहा है?

Hans Grundberg ने वॉशिंगटन और रियाद में हुई अपनी बैठकों के दौरान साफ किया कि यमन को क्षेत्रीय तनाव से बचाना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसी भी एक गुट के पास यह ताकत या हक नहीं होना चाहिए कि वह पूरे देश को ऐसी जंग में झोंक दे जिससे आम जनता की मुसीबतें और बढ़ जाएं। उन्होंने शांति प्रक्रिया को बचाने की अपील की है ताकि देश में हालात न बिगड़ें।

  • यमन को क्षेत्रीय सैन्य तनाव से दूर रखने की जरूरत है।
  • शांति की कोशिशों को सुरक्षित रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
  • हूतियों की कार्रवाई से यमन के लोगों को और अधिक दुख झेलना पड़ सकता है।

लाल सागर और मिसाइल हमलों का क्या है मामला?

ताजा जानकारी के मुताबिक, 29 मार्च 2026 को हूतियों ने इजरायल की तरफ मिसाइलें दागकर युद्ध में शामिल होने के संकेत दिए हैं। इस घटना के बाद लाल सागर (Red Sea) में जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। UN दूत ने फरवरी में ही चेतावनी दी थी कि क्षेत्रीय तनाव बढ़ने से यमन एक बार फिर बड़े टकराव की चपेट में आ सकता है, जिससे पूरे क्षेत्र का व्यापार और सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।

मुख्य जानकारी विवरण
UN दूत का नाम Hans Grundberg
विवादित क्षेत्र लाल सागर (Red Sea) और यमन
ताजा घटना इजरायल की तरफ मिसाइल लॉन्च
बैठक का स्थान वॉशिंगटन और रियाद
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.