UN विशेषज्ञों ने एक बार फिर इसराइल से गाजा और वेस्ट बैंक में हो रहे हमलों और लोगों को जबरदस्ती घर से निकालने वाले कदमों को रोकने की मांग की है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (OHCHR) ने कहा कि यह सब अंतरराष्ट्रीय कानूनों का बड़ा उल्लंघन है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन हमलों का मकसद फिलिस्तीनियों की जिंदगी मुश्किल बनाना है ताकि उन्हें हमेशा के लिए अपनी जमीन छोड़नी पड़े।

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UN विशेषज्ञों ने इसराइल पर क्या गंभीर आरोप लगाए हैं?

विशेषज्ञों ने कहा कि गाजा में बेघर हुए लोगों पर हमले करना और वेस्ट बैंक में लोगों को जबरन हटाना ‘मानवता के खिलाफ अपराध’ है। उन्होंने इसे ‘जातीय सफाया’ (ethnic cleansing) की एक बड़ी नीति बताया है। विशेषज्ञों के मुताबिक, उन इलाकों को निशाना बनाया जा रहा है जहां आम नागरिक शरण लिए हुए हैं, जो अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का गंभीर उल्लंघन है।

वेस्ट बैंक और गाजा में अब तक क्या नुकसान हुआ?

UN की रिपोर्ट के मुताबिक, वेस्ट बैंक में साल 2025 के दौरान करीब 36,000 फिलिस्तीनियों को जबरन हटाया गया। इसके पीछे अवैध बस्तियों का विस्तार और सेना की कार्रवाई को वजह बताया गया है। मार्च के महीने में गाजा में हुए हवाई हमलों से उन टेंटों में आग लग गई जहां लोग रह रहे थे, जिससे कई मौतें हुईं।

क्षेत्र प्रभाव/घटना विवरण
वेस्ट बैंक जबरन विस्थापन 2025 में 36,000 से ज्यादा लोग बेघर हुए
गाजा हवाई हमले टेंटों पर हमले से कई महिलाएं और बच्चे मारे गए
ईस्ट जेरूसलम घर खाली कराना सिलवान में परिवारों पर बेदखली का खतरा है
मानवीय सहायता UNRWA पर रोक इसराइल ने सहायता कार्यों में बाधा डाली है

दुनिया के देशों से अब क्या करने की मांग की गई है?

UN विशेषज्ञों ने सभी देशों से अपील की है कि वे इसराइल के इस अवैध कब्जे को खत्म करने के लिए कदम उठाएं। उन्होंने देशों से कहा कि वे इस कब्जे को मान्यता न दें और इसराइल को दी जाने वाली मदद रोक दें। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय कानून के गंभीर उल्लंघन की पूरी जांच होनी चाहिए ताकि दोषियों की जवाबदेही तय हो सके।