Oil Price Update: अमेरिका और ईरान में बातचीत की उम्मीद से घटे तेल के दाम, सऊदी अरब के तेल ठिकानों पर हमलों से बढ़ा तनाव
सऊदी अरब की न्यूज़ एजेंसी Akhbar24 के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की उम्मीद जगी है, जिससे तेल की सप्लाई को लेकर डर कम हुआ और कीमतों में गिरावट आई है। हालांकि पिछले कुछ दिनों में इस मामले को लेकर कई विरोधाभासी खबरें आई हैं। एक तरफ शांति की कोशिशें हो रही हैं तो दूसरी तरफ हमलों ने ग्लोबल मार्केट में बेचैनी बढ़ा दी है।
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का क्या हाल है?
9 अप्रैल 2026 को अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के लिए युद्धविराम का ऐलान हुआ था। इस खबर के बाद तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे चली गई थीं और Strait of Hormuz फिर से खुल गया था। लेकिन 13 अप्रैल को ऐसी रिपोर्ट्स आईं कि शांति वार्ता नाकाम हो गई है, जिसके बाद अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी करने की धमकी दी और तेल के दाम फिर बढ़ गए।
सऊदी अरब के तेल उत्पादन पर क्या असर पड़ा?
ईरान द्वारा किए गए हमलों ने सऊदी अरब की तेल और गैस उत्पादन क्षमता को नुकसान पहुँचाया है। इन हमलों का विवरण नीचे दिया गया है:
- प्रभावित इलाके: रियाद, पूर्वी प्रांत और यनबू।
- निशाने पर आए केंद्र: रिफाइनरी, पेट्रोकेमिकल प्लांट, पावर फैसिलिटी और ट्रांसपोर्ट सिस्टम।
- नुकसान: इन हमलों में एक व्यक्ति की मौत हुई और सात लोग घायल हुए।
- उत्पादन: तेल पंपिंग और उत्पादन की क्षमता में कमी आई है।
आने वाले समय में तेल की सप्लाई पर क्या असर होगा?
फिलहाल पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच एक स्थायी शांति समझौता कराने की कोशिश कर रहा है। मार्केट में अभी भी डर बना हुआ है क्योंकि सऊदी के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले जारी हैं। Strait of Hormuz से होने वाली तेल की सप्लाई पर अनिश्चितता बनी हुई है, इसलिए निवेशक बहुत सावधानी से इस स्थिति पर नजर रख रहे हैं।





