UNHRC की आपात बैठक बुधवार को, खाड़ी देशों पर ईरान के हमलों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होगी बड़ी चर्चा
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) बुधवार यानी 25 मार्च 2026 को खाड़ी देशों पर ईरान के हमलों को लेकर एक विशेष आपात बैठक करेगी। यह बैठक जिनेवा के पैलेस डेस नेशंस में सुबह 9 बजे शुरू होगी। बहरीन ने GCC देशों और जॉर्डन की ओर से इस बैठक का अनुरोध किया था। इस चर्चा का मुख्य उद्देश्य नागरिकों और सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर पड़ रहे खराब असर को रोकना और ईरान के हमलों पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाना है।
📰: कतर ने ईरान के 90% से ज्यादा हमलों को किया नाकाम, देश में हाई अलर्ट के बीच सुरक्षा व्यवस्था मजबूत।
इस बैठक के पीछे का मुख्य कारण क्या है?
ईरान द्वारा खाड़ी देशों पर किए जा रहे हमलों के कारण यह कदम उठाया गया है। परिषद के सामने एक मसौदा प्रस्ताव भी रखा जाएगा जिसमें हालिया जान-माल के नुकसान का मुद्दा उठाया जाएगा।
- ईरान ने 28 फरवरी 2026 से बहरीन, सऊदी अरब, यूएई, कुवैत, ओमान और कतर जैसे देशों पर सैन्य कार्रवाई शुरू की थी।
- इस बैठक का अनुरोध बहरीन ने 18 मार्च 2026 को आधिकारिक तौर पर पेश किया था।
- बैठक में नागरिकों की सुरक्षा और शहरों की जरूरी सुविधाओं को बचाने पर जोर दिया जाएगा।
- यह 2006 के बाद से मानवाधिकार परिषद की 11वीं ऐसी आपात बैठक है।
इन देशों पर हमले का क्या है पूरा मामला?
ईरान की ओर से खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के सदस्य देशों और जॉर्डन के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की जा रही है। इससे पहले 11 मार्च 2026 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद भी एक प्रस्ताव पास कर चुका है। सुरक्षा परिषद ने 13-0 के बहुमत से इन हमलों की निंदा की थी और ईरान से तुरंत हमले रोकने की मांग की थी। खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय और अन्य देशों के लोग काम करते हैं, इसलिए वहां की सुरक्षा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है।
आम जनता और प्रवासियों पर इसका क्या असर होगा?
खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए यह खबर काफी अहम है क्योंकि शांति होने से वहां का माहौल सामान्य बना रहेगा। अगर संयुक्त राष्ट्र इस मामले में कोई ठोस फैसला लेता है, तो इससे युद्ध जैसी स्थिति पर लगाम लग सकती है।
| देश का नाम | मुख्य मुद्दा | प्रस्ताव की स्थिति |
|---|---|---|
| बहरीन और जॉर्डन | नागरिकों की सुरक्षा | प्रस्ताव पेश किया गया |
| सऊदी और यूएई | इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला | निंदा की गई |
| कुवैत और कतर | क्षेत्रीय स्थिरता | चर्चा जारी है |




