US Central Command: अमेरिका ने ईरान में की 8,000 से ज्यादा एयर स्ट्राइक, 8000 ठिकानों को किया तबाह
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान में अपनी सैन्य कार्रवाई को लेकर आधिकारिक जानकारी साझा की है। एडमिरल ब्रैड कूपर के अनुसार अमेरिकी वायु सेना ने ईरान के हवाई क्षेत्र में 8,000 से अधिक सफल उड़ानें भरीं और कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इस सैन्य कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अंतरराष्ट्रीय जहाजों की सुरक्षा करना और ईरान की सैन्य ताकत को कम करना है। अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि इस कार्रवाई से ईरान की हमले करने की क्षमता काफी कमजोर हुई है।
अमेरिकी सेना ने किन ठिकानों पर किए हमले और क्या हुआ नुकसान?
अमेरिकी सेना की इस कार्रवाई में ईरान के अंदर मौजूद सैन्य बुनियादी ढांचे को काफी नुकसान पहुंचा है। इस ऑपरेशन से जुड़ी मुख्य जानकारी नीचे दी गई है:
- ईरान के अंदर कुल 8,000 से ज्यादा सैन्य ठिकानों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया।
- हमलों के दौरान 130 ईरानी जहाजों और मिसाइलों के बड़े गोदामों को नष्ट किया गया।
- सैनिकों ने 5,000 पाउंड वजन वाले भारी बमों का उपयोग करके दुश्मन के मजबूत बंकरों को तोड़ा।
- खार्ग द्वीप (Kharg Island) पर भी भारी बमबारी हुई जहां 90 से अधिक ठिकाने बर्बाद हुए।
- अमेरिकी कमांड का दावा है कि अब ईरान के आसमान पर उनका पूरा नियंत्रण स्थापित हो चुका है।
खाड़ी क्षेत्र और व्यापारिक रास्तों पर इस हमले का क्या असर होगा?
यह सैन्य संघर्ष 28 फरवरी से चल रहे तनाव का हिस्सा है जिसके कारण खाड़ी देशों में व्यापार और सुरक्षा पर असर पड़ा है। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि इन हमलों से ईरान की समुद्री रास्तों को बाधित करने की क्षमता काफी कम हो गई है। जवाब में ईरान ने भी मिसाइल और ड्रोन की मदद से इजरायल और खाड़ी में अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए हैं। ईरान ने इसे अपनी सैन्य कार्रवाई का हिस्सा बताया है। इन घटनाओं से अंतरराष्ट्रीय तेल सप्लाई और समुद्री व्यापार प्रभावित होने की संभावना बनी रहती है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासी कामगारों के लिए भी सुरक्षा के लिहाज से यह एक बड़ा घटनाक्रम है।





