अमेरिका और ईरान के बीच खाड़ी क्षेत्र में तनाव एक बार फिर बहुत बढ़ गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने साफ कर दिया है कि उसकी सेना ईरान की किसी भी आक्रामक हरकत का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह बयान 5 जून 2026 को आया है। इससे ठीक पहले ईरान ने दावा किया था कि उसने ओमान की खाड़ी में अमेरिकी युद्धपोतों को पीछे हटने पर मजबूर किया है, जिसे अमेरिकी सेना ने पूरी तरह गलत और बेबुनियाद बताया है।
ईरान के दावे और अमेरिका का इस पर क्या है कहना?
5 जून 2026 को ईरान की सरकारी मीडिया ने दावा किया कि उनकी नौसेना ने ओमान की खाड़ी में दो अमेरिकी युद्धपोतों (DDG-103 और DDG-8) की तरफ कादिर मिसाइलें और नए लड़ाकू ड्रोन दागे। ईरान के अनुसार, इसके बाद अमेरिकी जहाजों को वहां से पीछे हटना पड़ा। हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है। CENTCOM ने साफ किया कि ईरान ने अमेरिकी जहाजों पर कोई हमला नहीं किया है और ऐसी कोई भी हरकत मौजूदा युद्धविराम का सीधा उल्लंघन होगी। अमेरिकी नौसेना इस क्षेत्र में लगातार गश्त कर रही है और प्रतिबंधों को लागू कर रही है।
कुवैत और बहरीन में हुए हमलों से बढ़ा तनाव
इससे पहले 3 जून 2026 को भी खाड़ी देशों में भारी तनाव देखा गया था। कुवैत के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्रोन से हमला हुआ था, जिसमें 1 व्यक्ति की मौत हो गई और 60 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। कुवैत ने इस पर ईरान के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया है और अपने यहां ईरानी दूतावास के स्टाफ की संख्या को घटा दिया है। इसके अलावा, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने बहरीन में अमेरिकी पांचवें बेड़े के मुख्यालय और कुवैत में एक अमेरिकी हवाई अड्डे पर मिसाइल और ड्रोन दागने का दावा किया था, जिसे अमेरिकी और सहयोगी सेनाओं ने हवा में ही मार गिराया।
अमेरिकी सेना की रक्षात्मक कार्रवाई और चेतावनी
तनाव को देखते हुए अमेरिकी सेना ने 1 और 2 जून 2026 को ईरान के गोरुक और केश्म द्वीप पर बने रडार और ड्रोन कंट्रोल सेंटरों पर रक्षात्मक हमले किए थे। यह कार्रवाई अमेरिकी ड्रोन MQ-1 को मार गिराए जाने के बाद की गई थी। इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी चेतावनी दी है कि अगर किसी भी अमेरिकी सैनिक को नुकसान पहुंचता है, तो वे फिर से सैन्य अभियान शुरू कर सकते हैं। अमेरिकी सेना ने ईरान जा रहे एक तेल टैंकर MT Davina/Lexie को भी चेतावनी नजरअंदाज करने के बाद रोक दिया है ताकि प्रतिबंधों को लागू किया जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या ईरान ने सचमुच अमेरिकी जहाजों पर मिसाइलें दागी हैं?
ईरान की मीडिया ने 5 जून 2026 को ओमान की खाड़ी में दो अमेरिकी जहाजों पर मिसाइलें दागने का दावा किया था। लेकिन अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस दावे को पूरी तरह झूठा बताया है और कहा है कि उनके जहाजों पर कोई हमला नहीं हुआ है।
कुवैत एयरपोर्ट पर हुए हमले में क्या नुकसान हुआ था?
3 जून 2026 को कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्रोन हमला हुआ था। इस हमले में 1 व्यक्ति की मौत हो गई और 60 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे, जिसके बाद कुवैत ने ईरान के राजनयिकों की संख्या कम कर दी है।
