अमेरिका के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने एक बड़ा बयान जारी किया है. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ईरानी सेना ने 28 फरवरी 2026 से अपने पड़ोसी देशों पर हजारों हमलावर ड्रोन दागे हैं. CENTCOM के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने बताया कि इन हमलों में जानबूझकर रिहायशी इलाकों, होटलों और सिविलियन एयरपोर्ट को निशाना बनाया जा रहा है.

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रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान अपनी मिसाइलों और ड्रोन को लॉन्च करने के लिए डेजफुल, इस्फहान और शिराज जैसे घनी आबादी वाले शहरों का इस्तेमाल कर रहा है. इस बढ़ते तनाव का सीधा असर खाड़ी देशों में रहने वाले आम नागरिकों और प्रवासियों की सुरक्षा और यात्रा पर पड़ रहा है.

ड्रोन हमलों का किन देशों पर पड़ रहा है असर?

पिछले कुछ दिनों में इस विवाद ने कई खाड़ी देशों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित किया है. इन हमलों के कारण हवाई यात्रा से लेकर प्रमुख इवेंट्स पर भी असर पड़ा है.

  • कुवैत और UAE: 15 मार्च को कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट और UAE के फुजैरा तेल केंद्र का काम कुछ समय के लिए रोकना पड़ा.
  • सऊदी अरब: सऊदी के एयर डिफेंस सिस्टम ने पिछले 48 घंटों में दर्जनों ड्रोन नष्ट किए हैं. रियाद के डिप्लोमैटिक इलाके को निशाना बनाने वाले एक ड्रोन को भी हवा में मार गिराया गया.
  • इराक: बगदाद में अमेरिकी दूतावास के हेलिपैड पर एक मिसाइल गिरी है, जिसके बाद वहां से धुआं उठता देखा गया.
  • इवेंट्स रद्द: सुरक्षा कारणों से बहरीन और सऊदी अरब में होने वाली फॉर्मूला 1 (Formula 1) रेस को इस सीजन के लिए रद्द कर दिया गया है.

नागरिकों और यात्रियों के लिए क्या हैं नए आदेश?

हालात को देखते हुए कई देशों ने अपने नागरिकों और विदेशी प्रवासियों के लिए सुरक्षा चेतावनी जारी की है. बहरीन और कुवैत के हवाई क्षेत्र में भी काफी बदलाव देखने को मिल रहा है.

  • ईरान ने UAE के तीन बड़े बंदरगाहों जेबेल अली, खलीफा और फुजैरा को खाली करने की चेतावनी दी है.
  • अमेरिकी विदेश विभाग ने इराक में रहने वाले अपने नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने का आदेश दिया है. कमर्शियल फ्लाइट्स बंद होने के कारण उन्हें सड़क मार्ग से जाने की सलाह दी गई है.
  • CENTCOM ने ईरान के अंदर रहने वाले नागरिकों को चेतावनी दी है कि वे अपने घरों में सुरक्षित रहें और उन इलाकों से दूर रहें जहां से सैन्य लॉन्च किए जा रहे हैं.

दूसरी तरफ ईरान ने इन आरोपों पर पलटवार किया है. ईरान के विदेश मंत्री और सैन्य अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका और इजरायल उनके ड्रोन की कॉपी का इस्तेमाल करके तुर्की, इराक और कुवैत पर हमले कर रहे हैं ताकि ईरान को फंसाया जा सके.