US और ईरान युद्ध में आया बड़ा मोड़, रक्षा सचिव बोले – अगले कुछ दिन होंगे निर्णायक, ईरान के पास फौजी रास्ते खत्म
अमेरिका के युद्ध मंत्री Pete Hegseth ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध को लेकर बड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा है कि आने वाले कुछ दिन इस लड़ाई के लिए बहुत अहम और निर्णायक साबित होंगे। वाशिंगटन में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान Hegseth ने बताया कि अब ईरान के पास जवाबी कार्रवाई के लिए बहुत कम सैन्य विकल्प बचे हैं। अमेरिका की तरफ से यह बयान ऐसे समय पर आया है जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है।
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युद्ध के मैदान में अब तक की बड़ी घटनाएं
31 मार्च 2026 को हुए ताजा घटनाक्रम ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया है। इस दौरान युद्ध के मैदान से जुड़ी कुछ मुख्य जानकारियां इस प्रकार हैं:
- ईरान के इसफ़हान शहर में स्थित सैन्य ठिकानों पर अमेरिका और इजरायल ने हवाई हमले किए हैं।
- इजरायली सेना ने तेहरान में सरकारी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर कई हमले पूरे करने का दावा किया है।
- दुबई के तट के पास एक कुवैती तेल टैंकर पर ईरानी ड्रोन से हमला हुआ, हालांकि आग पर काबू पा लिया गया।
- यूएई के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि उन्होंने अपनी सीमा में आ रही ईरानी मिसाइलों और ड्रोन को रोक दिया है।
- राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि युद्ध शुरू होने से अब तक 13,000 ईरानी ठिकानों को तबाह किया गया है।
- व्हाइट हाउस के अनुसार अमेरिकी सेना ने अब तक ईरान के लगभग 150 जहाजों को नष्ट कर दिया है।
बातचीत की कोशिश और प्रवासियों पर असर
| देश | मौजूदा स्थिति और भूमिका |
|---|---|
| पाकिस्तान और चीन | दोनों देश अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत कराने के लिए मध्यस्थता कर रहे हैं। |
| तुर्किये | नाटो वायु रक्षा प्रणाली की मदद से ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में सफलता पाई है। |
| यूएई और कुवैत | इन देशों में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों के लिए समुद्री व्यापारिक रास्तों पर खतरा बढ़ गया है। |
रक्षा सचिव पर लगे आरोपों पर पेंटागन की सफाई
युद्ध के इन निर्णायक दिनों के बीच अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth एक विवाद में भी घिर गए हैं। एक मीडिया रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि Hegseth ने युद्ध शुरू होने से पहले हथियार बनाने वाली कंपनियों में बड़ा निवेश करने की कोशिश की थी। हालांकि, पेंटागन के प्रवक्ता Sean Parnell ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से झूठी और मनगढ़ंत कहानी है। फिलहाल खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे स्थानीय सुरक्षा निर्देशों का पालन करें क्योंकि आने वाले समय में तनाव और बढ़ सकता है।




