मिडिल ईस्ट में हालात बहुत गंभीर हो गए हैं। अमेरिका के रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने जानकारी दी है कि आज ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया जाएगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने कतर या अन्य पड़ोसी देशों के तेल ठिकानों को निशाना बनाया, तो उसे भारी कीमत चुकानी होगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है।

🚨: Saudi Arabia News: खाड़ी में ऊर्जा ठिकानों पर हमले मंजूर नहीं, भारत ने सुरक्षा पर जताई कड़ी चिंता

अमेरिका और इजराइल ने ईरान के खिलाफ क्या कदम उठाए हैं?

इजराइली सेना ने हाल ही में ईरान के South Pars गैस फील्ड और अन्य ठिकानों पर जोरदार हमला किया है। इसमें ईरान के खुफिया मंत्री Esmail Khatib के मारे जाने की भी खबर है। अमेरिका अब इराक में मौजूद उन गुटों को निशाना बना रहा है जो ईरान के इशारे पर काम करते हैं। अमेरिका की सीनेट ने भी उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है जो राष्ट्रपति को युद्ध से रोकने के लिए लाया गया था। इसका मतलब है कि अमेरिकी सेना को ईरान के खिलाफ कार्रवाई करने की पूरी छूट मिल गई है।

खाड़ी देशों और वहां रहने वाले प्रवासियों पर क्या असर पड़ा है?

ईरान की ओर से किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों ने कतर, सऊदी अरब और UAE जैसे देशों की चिंता बढ़ा दी है। रियाद में एक मिसाइल को हवा में ही नष्ट किया गया लेकिन उसके मलबे से 4 लोग घायल हुए हैं। कतर ने अपने यहां से ईरानी राजनयिकों को देश छोड़ने का आदेश दिया है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए भी सुरक्षा की चिंताएं बढ़ गई हैं क्योंकि तेल और गैस ठिकानों पर हमलों का सीधा असर काम और सुरक्षा पर पड़ता है।

तारीख बड़ी घटना
18 मार्च 2026 इजराइल ने ईरान के South Pars गैस फील्ड पर हमला किया
19 मार्च 2026 अमेरिका ने इराक में ईरान समर्थित गुटों पर बमबारी की
19 मार्च 2026 डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को भारी तबाही की चेतावनी दी
19 मार्च 2026 रियाद में मिसाइल गिरने से 4 लोग घायल हुए