अमेरिका का सख्त रुख, रक्षा मंत्री बोले- परमाणु लालच में ईरान ने पूरी दुनिया को बनाया बंधक
अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक बहुत बड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि ईरान अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं की वजह से पूरी दुनिया को बंधक बना रहा है। सऊदी न्यूज़ के आधिकारिक सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन ने साफ कर दिया है कि वे तेहरान को किसी भी हाल में परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे। पिछले कुछ हफ्तों से क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है और अमेरिका अपनी सैन्य ताकत के जरिए ईरान पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।
ईरान के खिलाफ अमेरिका का ‘मल्हामत अल-ग़दब’ अभियान
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय यानी पेंटागन ने अपनी सैन्य कार्रवाई को ‘मल्हामत अल-ग़दब’ का नाम दिया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ईरान की मिसाइल उत्पादन क्षमताओं और उसकी नौसेना की शक्ति को कमजोर करना है। रक्षा मंत्री हेगसेथ ने बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के उन ठिकानों पर सटीक हमले किए हैं जो उसकी मिसाइल ताकत का केंद्र थे। अमेरिका का मानना है कि ईरान अपने मिसाइल बेड़े का इस्तेमाल केवल बचाव के लिए नहीं बल्कि परमाणु ब्लैकमेलिंग के लिए कर रहा है। इस सैन्य कार्रवाई के जरिए अमेरिका ईरान को परमाणु हथियारों की दौड़ से बाहर रखना चाहता है।
मौजूदा सैन्य स्थिति और प्रमुख घटनाक्रम
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे इस टकराव की मौजूदा स्थिति को समझने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं को नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:
| मुख्य विषय | ताज़ा अपडेट और स्थिति |
|---|---|
| मिसाइल क्षमता | अमेरिका का दावा है कि ईरान की मिसाइल उत्पादन क्षमता अब पूरी तरह खत्म हो गई है। |
| हवाई नियंत्रण | इज़राइल और अमेरिका ने ईरानी हवाई क्षेत्र पर पूर्ण नियंत्रण का दावा किया है। |
| होर्मुज जलडमरूमध्य | अमेरिका ने आरोप लगाया कि ईरान दशकों से इस समुद्री रास्ते को बंधक की तरह इस्तेमाल कर रहा है। |
| युद्ध का उद्देश्य | अमेरिका के अनुसार यह युद्ध सत्ता परिवर्तन के लिए नहीं बल्कि परमाणु खतरे को रोकने के लिए है। |
| अगला कदम | युद्ध को रोकने या आगे बढ़ाने का अंतिम फैसला राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के पास सुरक्षित है। |
रक्षा मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया है कि ईरान बातचीत के दौरान केवल समय बिताने की कोशिश करता रहा है। अमेरिका और उसके सहयोगियों का मानना है कि ईरान अब पूरी तरह से दुनिया के सामने एक्सपोज हो चुका है। हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प एक नए परमाणु समझौते के पक्ष में हैं, लेकिन उन्होंने यह भी साफ कर दिया है कि अपनी सुरक्षा के लिए अमेरिका के पास सभी सैन्य विकल्प हमेशा खुले रहेंगे। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और व्यापारिक गतिविधियों पर भी इस तनाव का गहरा असर देखने को मिल सकता है।




