अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति को मजबूत करते हुए 18 नए A-10 लड़ाकू विमानों की तैनाती की है। New York Times की रिपोर्ट के अनुसार, Pentagon ने यह कदम ‘Operation Epic Fury’ के तहत उठाया है। इस ऑपरेशन का मुख्य केंद्र ईरान और उसके आस-पास के इलाके हैं। इन विमानों के आने से इलाके में सैन्य सरगर्मी काफी बढ़ गई है। अमेरिकी रक्षा विभाग ने इस तैनाती के साथ ही अपने सैनिकों के लिए विशेष भत्ते और नियमों में भी बदलाव किए हैं।

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इन विमानों की तैनाती से क्या बदलाव आएंगे?

Joint Chiefs of Staff के चेयरमैन General Dan Caine ने Pentagon की ब्रीफिंग में बताया कि A-10 विमानों को विशेष रूप से Straits of Hormuz में तैनात किया जा रहा है। ये विमान वहां मौजूद खतरों और तेज हमला करने वाली नावों को रोकने का काम करेंगे। CENTCOM ने मार्च के महीने में कुछ तस्वीरें भी जारी की थीं जिनमें इन विमानों को उड़ान के दौरान ईंधन भरते हुए दिखाया गया था। इसका सीधा मकसद ईरान के सुरक्षा ढांचे और मिसाइल लॉन्च केंद्रों को कमजोर करना है।

सैन्य ऑपरेशन से जुड़ी मुख्य जानकारियां

Pentagon ने हाल के दिनों में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं और विमानों की आवाजाही पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इस ऑपरेशन से जुड़ी खास बातें इस प्रकार हैं:

तारीख घटनाक्रम
28 फरवरी 2026 ईरान के खिलाफ Operation Epic Fury की शुरुआत हुई।
30 मार्च 2026 A-10 विमानों को UK के RAF Lakenheath एयरबेस पर देखा गया।
31 मार्च 2026 18 अतिरिक्त विमानों को मिडिल ईस्ट भेजने की प्रक्रिया पूरी हुई।
1 अप्रैल 2026 Pentagon ने ईरान के ऊपर के हवाई क्षेत्र को सैनिकों के लिए खतरनाक जोन घोषित किया।

अमेरिकी सैन्य अधिकारियों का कहना है कि यह तैनाती भविष्य की चुनौतियों और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखकर की गई है। इसके साथ ही EA-37B Compass Call जैसे इलेक्ट्रॉनिक युद्धक विमानों को भी इलाके में सक्रिय किया गया है ताकि किसी भी तरह की तकनीकी बाधा को दूर किया जा सके। सरकार के इन फैसलों का असर खाड़ी में रहने वाले लोगों और वहां की सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ना तय है।