US Central Command (CENTCOM) ने ऐलान किया है कि उन्होंने ईरान के आखिरी Soleimani क्लास जहाज को भी नष्ट कर दिया है. यह जहाज बंदर अब्बास के पास खड़ा था. 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए ऑपरेशन में अब तक 50 से ज्यादा ईरानी जहाज तबाह हो चुके हैं. इस बीच सऊदी अरब ने भी अपनी तरफ आने वाली 6 मिसाइलों को मार गिराया है. गल्फ क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण Strait of Hormuz बंद है, जिससे आम लोगों की फ्लाइट्स के किराये भी बढ़ने लगे हैं.

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समंदर में क्या है मौजूदा हालात और फ्लाइट्स पर असर

CENTCOM के अधिकारी ने बताया कि IRIS Shahid Soleimani नाम का यह आखिरी बड़ा जहाज था जिसे डुबो दिया गया है. इससे पहले भी कई और जहाज जैसे IRIS Dena और IRINS Makran को नुकसान पहुंचाया गया था.

इस सैन्य ऑपरेशन पर अब तक 5.6 बिलियन डॉलर खर्च हो चुके हैं. समंदर के रास्ते में दिक्कत होने से एविएशन फ्यूल लगातार महंगा हो रहा है.

कई एयरलाइंस ने किराये बढ़ा दिए हैं या कुछ समय के लिए उड़ानें रोक दी हैं. इसका सीधा असर गल्फ देशों में काम करने वाले उन भारतीयों पर पड़ेगा जो अक्सर सफर करते हैं, क्योंकि आने वाले दिनों में फ्लाइट टिकट के दाम और बढ़ सकते हैं.

सऊदी अरब में सुरक्षा और प्रॉपर्टी के नए नियम

11 मार्च को सऊदी अरब में प्रिंस सुल्तान एयर बेस की तरफ 6 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं, जिन्हें एयर डिफेंस ने हवा में ही नष्ट कर दिया. गृह मंत्रालय ने साफ किया है कि देश के अंदर हालात पूरी तरह से सुरक्षित हैं और लोग रोजमर्रा का काम पहले की तरह कर रहे हैं.

इस बीच देश में कुछ अहम नियम भी लागू किए गए हैं. जनवरी 2026 से विदेशी नागरिक भी मक्का और मदीना के कुछ हिस्सों में कमर्शियल और रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी खरीद सकेंगे.

इसके साथ ही सरकार ने खाली पड़ी जमीनों पर टैक्स लगाने का नियम शुरू कर दिया है. घर की बढ़ती कीमतों को रोकने के लिए सरकार हर साल 10 से 40 हजार नए रेजिडेंशियल प्लॉट भी आम लोगों के लिए तय कीमत पर निकाल रही है.