US-Iran War: अमेरिका-ईरान युद्ध के 12वें दिन कतर और कुवैत पर बड़ा हमला, 2 भारतीयों की गई जान, नया आदेश जारी
अमेरिका और इजरायल का ईरान के साथ युद्ध अपने 12वें दिन में प्रवेश कर चुका है और इसका सीधा असर अब खाड़ी देशों पर दिखने लगा है। ईरान ने अपनी नई रणनीति के तहत कतर की राजधानी दोहा, कुवैत के कैंप आरिफजान और UAE पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं। इस बीच ओमान के पास समुद्र में मर्चेंट जहाजों पर भी अज्ञात हमले हुए हैं, जिसमें दो भारतीय नागरिकों की मौत की पुष्टि हुई है। हालात को देखते हुए कतर में लोगों को घरों के अंदर रहने का आदेश दिया गया है।
खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों पर क्या हो रहा असर?
गल्फ देशों में काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए स्थिति गंभीर होती जा रही है। ईरान ने अपने 37वें वेव के हमले के तहत कुवैत और कतर में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है।
- कतर (Qatar): दोहा में कई धमाके सुने गए हैं। कतर के गृह मंत्रालय ने हाई सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है और आम लोगों को घरों के अंदर रहने तथा खिड़कियों से दूर रहने का आदेश दिया है।
- कुवैत और UAE: कुवैत के कैंप आरिफजान पर हमला हुआ है। वहीं UAE के रक्षा मंत्रालय ने 92% मिसाइलों और ड्रोन्स को हवा में ही नष्ट कर दिया है।
- भारतीयों की मौत: ओमान के उत्तर में थाईलैंड के एक मर्चेंट जहाज पर हमला हुआ, जिसमें आग लग गई। हमलों की चपेट में आकर दो भारतीय नागरिकों की जान चली गई है। 20 लोगों को बचाया गया है जबकि 3 अभी भी लापता हैं।
समुद्र में खतरा और ईरान की नई रणनीति क्या है?
ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामनेई की मौत के बाद अब मोजतबा खामनेई ने कमान संभाल ली है। ईरान की 2025 रणनीति के तहत अब मध्य पूर्व में पश्चिमी देशों के आर्थिक केंद्रों को निशाना बनाया जा रहा है ताकि इस युद्ध को लंबा खींचा जा सके।
हर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव काफी बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान के 16 ऐसे जहाजों को नष्ट कर दिया है जो समुद्र में माइंस (विस्फोटक) बिछा रहे थे। ईरान की सेना ने आधिकारिक तौर पर कह दिया है कि इस रास्ते से गुजरने वाले अमेरिका, इजरायल या उनके सहयोगियों के सभी जहाज उनके लिए वैध निशाने रहेंगे।
अब तक युद्ध में कितना हुआ नुकसान?
युद्ध के कारण जान-माल का भारी नुकसान हो रहा है और इसका असर पूरी दुनिया के तेल बाजार पर भी पड़ रहा है। इटली की पीएम जियोर्जिया मेलोनी ने भी अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन का हवाला देते हुए इस दखल की निंदा की है।
| देश / विषय | नुकसान और मौजूदा आंकड़ा |
|---|---|
| ईरान | 1,300 से ज्यादा मौतें और 10,000 नागरिक ठिकानों पर हमला |
| लेबनान | 570 मौतें और 1,444 लोग घायल |
| अमेरिका का खर्च | 11 दिनों में 5 बिलियन डॉलर के हथियार इस्तेमाल हुए |
| कच्चा तेल (Brent Crude) | कीमत 9.26% गिरकर 89.80 डॉलर पर आ गई |
अमेरिका इस जलमार्ग को सुरक्षित करने के लिए जल्द ही कड़ा कदम उठा सकता है। इस बीच संयुक्त राष्ट्र (UN) सुरक्षा परिषद में आज एक प्रस्ताव पर वोटिंग होनी है, जिसमें ईरान से क्षेत्रीय हमले रोकने की मांग की जाएगी।




