US Govt Decision: अमेरिका ने तुर्की के Halkbank पर चल रहा क्रिमिनल केस वापस लेने का किया फैसला, शेयर बाज़ार में 10% उछला स्टॉक
अमेरिका (US) ने तुर्की के सरकारी बैंक Halkbank पर चल रहे एक बड़े क्रिमिनल केस को वापस लेने का फैसला किया है. यह मामला ईरान पर लगे प्रतिबंधों (sanctions) से बचने के लिए 20 बिलियन डॉलर की हेराफेरी से जुड़ा था. US Department of Justice (DOJ) और बैंक के बीच एक समझौता हुआ है जिसे अभी जज की मंजूरी का इंतजार है. इस खबर के आते ही इस्तांबुल शेयर बाजार में Halkbank के शेयरों में 10% का अधिकतम उछाल देखा गया.
समझौते की मुख्य शर्तें और नियम
तुर्की के पब्लिक डिस्क्लोजर प्लेटफॉर्म (KAP) और कोर्ट के दस्तावेजों के अनुसार, इस समझौते में कई अहम शर्तें रखी गई हैं, जो सीधे तौर पर बैंक को बड़ी राहत देती हैं.
- कोई जुर्माना नहीं: इस समझौते के तहत Halkbank को कोई भी आर्थिक जुर्माना (financial penalty) नहीं देना होगा. पहले इस मामले में भारी जुर्माने की आशंका जताई जा रही थी.
- गलती स्वीकार नहीं: बैंक को किसी भी तरह का क्रिमिनल अपराध या अपनी गलती मानने की जरूरत नहीं है.
- ईरान से लेन-देन पर रोक: बैंक को भविष्य में ईरान सरकार को फायदा पहुंचाने वाले किसी भी तरह के ट्रांजेक्शन से पूरी तरह दूर रहना होगा.
- कड़ी निगरानी: एक इंडिपेंडेंट एक्सपर्ट बैंक के कामकाज और एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग (AML) नियमों की जांच करेगा और US ट्रेजरी डिपार्टमेंट को अपनी रिपोर्ट देगा.
इस फैसले के पीछे का कारण और असर
US Attorney Jay Clayton ने जज Richard Berman को लिखे पत्र में कहा कि यह समझौता अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति (foreign policy) के लिए सबसे सही है. बताया जा रहा है कि 2025 में गाजा सीजफायर और बंधकों की रिहाई में तुर्की की मदद को इस फैसले का एक बड़ा कारण माना गया है. 11 मार्च 2026 को जज के सामने इस मामले की सुनवाई होगी, जहां इसे अंतिम रूप दिया जा सकता है. इस फैसले से अमेरिका और तुर्की के बीच पिछले कई सालों से चला आ रहा एक बड़ा विवाद अब खत्म होने की कगार पर है.




