अमेरिका ने कहा ईरान के खिलाफ युद्ध के लक्ष्य हुए पूरे, ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ अब खत्म होने के करीब
अमेरिका के हाउस स्पीकर माइक जॉनसन ने 25 मार्च 2026 को बड़ा बयान देते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान के उद्देश्य पूरे हो गए हैं। ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ नाम का यह अभियान अब अपने अंतिम चरण में है। जॉनसन ने स्पष्ट किया कि इस सैन्य कार्रवाई का मुख्य मकसद ईरान की मिसाइल क्षमता और उसकी नौसेना को कमजोर करना था ताकि क्षेत्र में सुरक्षा बनी रहे।
अमेरिकी स्पीकर के बयान की मुख्य बातें क्या हैं?
माइक जॉनसन ने बताया कि इस अभियान के दौरान ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों और उनके उत्पादन केंद्रों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान की नौसेना को भी निष्क्रिय कर दिया है। जॉनसन ने इस बात पर जोर दिया कि ईरान को अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाएं छोड़नी होंगी और ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए खुला रखना होगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैनिकों की संख्या बढ़ाना केवल एक रणनीतिक कदम है और इसका मतलब सीधे तौर पर जमीन पर युद्ध करना नहीं है।
युद्ध विराम की कोशिशें और ईरान का वर्तमान रुख
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे इस संघर्ष में अब शांति की कोशिशें भी तेज हो गई हैं, लेकिन स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। नीचे दी गई जानकारी से इस ताजा घटनाक्रम को समझा जा सकता है:
- ईरान ने अमेरिका के 15 सूत्रीय शांति प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है।
- ईरान की संसद के स्पीकर ने किसी भी तरह की बातचीत की खबरों को अफवाह बताया है।
- राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को डील करने के लिए 27 मार्च तक का आखिरी समय दिया है।
- ईरान ने बदले में अपनी शर्तें रखी हैं जिनमें युद्ध के नुकसान का हर्जाना और अपनी संप्रभुता की रक्षा शामिल है।
- संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दोनों पक्षों से युद्ध रोकने और आम नागरिकों की सुरक्षा करने की अपील की है।
- पेंटागन जल्द ही मिडिल ईस्ट में अपनी एयरबोर्न डिवीजन के और जवानों को तैनात करने वाला है।




