अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने 2026 की अपनी ताज़ा रिपोर्ट में भारत और पाकिस्तान के रिश्तों को लेकर बड़ी चेतावनी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देशों के बीच भले ही सीधा युद्ध शुरू न हो, लेकिन आतंकी गतिविधियों की वजह से परमाणु संघर्ष का खतरा बना हुआ है। 18 मार्च 2026 को जारी इस 34 पन्नों के दस्तावेज में दक्षिण एशिया की सुरक्षा पर गंभीर चिंता जताई गई है और इसे दुनिया के लिए एक बड़ा रिस्क बताया गया है।

ℹ️: Iran US News: ईरान का दावा अमेरिकी F-35 विमान को मार गिराया, संसद अध्यक्ष ने बताया पुरानी व्यवस्था का अंत

रिपोर्ट में भारत और पाकिस्तान के बीच किन खतरों का जिक्र है?

अमेरिकी इंटेलिजेंस कम्युनिटी के अनुसार, दोनों परमाणु शक्ति संपन्न देश सीधे आमने-सामने की जंग नहीं चाहते हैं। हालांकि, रिपोर्ट कहती है कि सीमा पार सक्रिय आतंकवादी संगठन ऐसी स्थितियां पैदा कर सकते हैं जिससे तनाव बढ़ जाए। पिछले साल पहलगाम में हुए हमले को एक उदाहरण के तौर पर पेश किया गया है। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि ऐसे हालात कभी भी बेकाबू हो सकते हैं और परमाणु संकट की ओर ले जा सकते हैं। राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड ने मिसाइल विकास को लेकर भी सीनेट के सामने चिंता जाहिर की है।

पाकिस्तान की प्रतिक्रिया और भारत का पुराना रुख क्या है?

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि उनकी मिसाइल क्षमताएं सिर्फ रक्षा के लिए हैं और उनका मकसद शांति बनाए रखना है। वहीं, भारत ने हमेशा कहा है कि तनाव कम करने के लिए नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच सीधी बातचीत ही सही रास्ता है। भारत ने किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को स्वीकार करने से मना किया है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के हस्तक्षेप से भी बीते समय में तनाव कम हुआ था।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.