अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई शहरों में अमेरिका के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए, जो कई जगहों पर हिंसक हो गए। रिपोर्ट के अनुसार, इन प्रदर्शनों में 538 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 10 से अधिक अब भी अस्पताल में भर्ती हैं।
ट्रंप की चेतावनी के बाद बढ़ा आक्रोश
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में बयान दिया था कि अमेरिका, ईरान को “मजबूर सरकार से आज़ादी दिलाने” में मदद करने के लिए तैयार है। इस बयान के बाद ईरान में भारी नाराजगी देखने को मिली।
ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर क़ालिबाफ ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर अमेरिका ने किसी भी तरह का हस्तक्षेप किया, तो ईरान उसके सैनिक ठिकानों पर हमला करेगा।

सड़कों पर उतरे हजारों लोग
तेहरान सहित कई शहरों में लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी झंडे जलाए और अमेरिका विरोधी नारे लगाए। कई जगहों पर प्रदर्शन हिंसक हो गए, जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें भी हुईं।
घायल प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ी
ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिंसा के दौरान 490 से अधिक लोग घायल हुए, जबकि बाद में यह संख्या बढ़कर 538 तक पहुंच गई। इनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। कम से कम 10 लोग अब भी अस्पताल में भर्ती हैं।
इजरायल भी हाई अलर्ट पर
इस पूरे घटनाक्रम के बीच इजरायल को हाई अलर्ट पर रखा गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायल संभावित हमलों से निपटने के लिए अमेरिका के साथ मिलकर रणनीति तैयार कर रहा है। इजरायल के कई संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
ट्रंप ने बातचीत की अपील की
तनाव के बीच ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान को देर होने से पहले अमेरिका से बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि बातचीत से समाधान संभव है, लेकिन इसके लिए ईरान को पहल करनी होगी।
क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात जल्द नहीं संभले, तो पश्चिम एशिया में तनाव और गहरा सकता है। इससे वैश्विक राजनीति के साथ-साथ तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर भी असर पड़ सकता है।




