अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहा तनाव अब थमता नजर आ रहा है. पाकिस्तान की सफल मध्यस्थता के बाद दोनों देशों ने 8 अप्रैल 2026 से दो हफ्ते के लिए सीज़फायर यानी युद्धविराम का ऐलान कर दिया है. इस समझौते के तहत दोनों देशों की सेनाएं एक-दूसरे पर हमला नहीं करेंगी और शांति के लिए बातचीत की मेज पर आएंगी. इस खबर के सार्वजनिक होते ही अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे आने वाले दिनों में आम जनता को राहत मिल सकती है.

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ईरान की 10 सूत्रीय मांगें और सीज़फायर की मुख्य शर्तें क्या हैं?

ईरान के सरकारी मीडिया ने इस समझौते को अपनी बड़ी जीत के तौर पर पेश किया है. ईरान ने अपनी मांगों में कुछ कड़े बिंदु रखे हैं जिन पर अब आधिकारिक तौर पर चर्चा की जाएगी. इन मांगों में ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को हटाना और क्षेत्र से अमेरिकी सैनिकों की वापसी जैसे मुद्दे शामिल हैं. ईरान की सुरक्षा परिषद ने कहा है कि भले ही अभी हमला नहीं होगा लेकिन उनके सैनिक पूरी तरह अलर्ट पर हैं. समझौते की अन्य शर्तें नीचे दी गई हैं:

  • Strait of Hormuz से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी.
  • ईरान और ओमान को इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों से फीस लेने का अधिकार होगा.
  • ईरान के यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को लेकर बातचीत की जाएगी.
  • यह समझौता लेबनान और ‘एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस’ समूहों पर भी लागू होगा.
  • अमेरिकी पत्रकार Shelly Kittleson को बगदाद के पास से रिहा कर दिया गया है.

अमेरिका और पाकिस्तान का इस समझौते पर क्या है स्टैंड?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस समझौते की पुष्टि करते हुए कहा कि ईरान को हॉर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत और पूरी तरह सुरक्षित खोलना होगा. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने बताया कि अमेरिका ने अपने सैन्य लक्ष्य पूरे कर लिए हैं जिससे बातचीत के लिए मजबूती मिली है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने इस समझौते को पूरे क्षेत्र के लिए सुकून देने वाला बताया है. उन्होंने पुष्टि की है कि 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच बड़ी बैठक होगी. समझौते की मुख्य जानकारी इस टेबल में देखें:

विवरण जानकारी
सीज़फायर की शुरुआत 8 अप्रैल 2026
अगली बातचीत की तारीख 10 अप्रैल 2026
बातचीत का स्थान इस्लामाबाद, पाकिस्तान
शामिल मुख्य देश अमेरिका, ईरान, इज़राइल, लेबनान
मध्यस्थ की भूमिका पाकिस्तान