अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के लिए शनिवार को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में बड़ी बैठक होनी है। दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल वहां के लिए रवाना हो चुके हैं, लेकिन शुक्रवार को अचानक तनाव बढ़ गया। इस वजह से अब दुनिया की नजरें इस बात पर हैं कि क्या यह बातचीत सफल हो पाएगी या बीच में ही रुक जाएगी।

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बैठक में कौन से बड़े नेता शामिल होंगे?

अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति JD Vance टीम की अगुवाई कर रहे हैं। उनके साथ राष्ट्रपति ट्रंप के विशेष दूत Steve Witkoff और Jared Kushner भी शामिल हैं। ईरान की ओर से संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf और विदेश मंत्री Abbas Araghchi के आने की संभावना है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और आर्मी चीफ Asim Munir इस बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभाएंगे।

तनाव की मुख्य वजह क्या है?

मुख्य विवाद लेबनान के युद्धविराम को लेकर है। ईरान चाहता है कि लेबनान में भी शांति हो और उसके फंसे हुए पैसे वापस मिलें। वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर Strait of Hormuz को पूरी तरह न खोलने का आरोप लगाया है। इसराइल ने साफ़ कर दिया है कि उसकी सैन्य कार्रवाई लेबनान में जारी रहेगी, जिससे माहौल और बिगड़ गया है।

पक्ष मुख्य मांग और स्थिति
ईरान लेबनान में युद्धविराम और ब्लॉक किए गए एसेट्स की वापसी की मांग।
अमेरिका ईरान में बंद अमेरिकी नागरिकों की रिहाई और Hormuz Strait को खोलने की मांग।
इसराइल साफ़ कहा कि युद्धविराम में लेबनान शामिल नहीं है और हमले जारी रहेंगे।
पाकिस्तान दावा किया कि युद्धविराम लेबनान समेत सभी जगहों पर लागू होगा।