US vs Iran: ईरान ने गिराया अमेरिका का F-15 फाइटर जेट, ट्रंप ने दर्जनों विमान भेजकर बचाई अपने सैनिकों की जान
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बहुत बढ़ गया है। 3 अप्रैल से 5 अप्रैल 2026 के बीच ईरान की सीमा के अंदर एक बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। अमेरिका का एक F-15E Strike Eagle फाइटर जेट ईरान के पहाड़ी इलाके में गिर गया था जिसे ईरानी सेना ने मार गिराने का दावा किया था। इस हादसे के बाद अमेरिका ने अपने फंसे हुए सैनिकों को बचाने के लिए दर्जनों विमान और सैकड़ों कमांडो तैनात किए थे।
ईरान के अंदर कैसे चला अमेरिका का रेस्क्यू ऑपरेशन?
3 अप्रैल 2026 को अमेरिका का एक F-15E Strike Eagle विमान ईरान के पहाड़ी इलाके में गिर गया था। ईरानी सेना IRGC ने इस विमान को मार गिराने का दावा किया था। विमान में दो क्रू मेंबर सवार थे। हादसे के तुरंत बाद पायलट को सुरक्षित बचा लिया गया था, लेकिन दूसरे अधिकारी की तलाश के लिए 5 अप्रैल तक ऑपरेशन चला। अमेरिका ने इस मिशन के लिए सैकड़ों कमांडो और दर्जनों लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर तैनात किए थे। रेस्क्यू के दौरान अमेरिकी और ईरानी सैनिकों के बीच गोलीबारी भी हुई, लेकिन अमेरिका का कोई नुकसान नहीं हुआ।
ट्रंप की चेतावनी और इस मिशन से जुड़ी मुख्य बातें
- रेस्क्यू मिशन: डोनाल्ड ट्रंप ने पुष्टि की है कि दर्जनों अमेरिकी विमानों ने दुश्मन की सीमा के भीतर घुसकर अपने सैनिकों को सुरक्षित बाहर निकाला है।
- कुवैत में इलाज: बचाए गए अमेरिकी सैन्य अधिकारी को तुरंत इलाज के लिए कुवैत (Kuwait) भेजा गया है।
- ट्रंप का अल्टीमेटम: ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर 48 घंटों के भीतर Strait of Hormuz को नहीं खोला गया तो इसके गंभीर नतीजे होंगे।
- ईरान का दावा: ईरान की सेंट्रल मिलिट्री कमांड ने ट्रंप की धमकी को खारिज कर दिया है और दावा किया है कि उन्होंने अमेरिकी विमानों को नुकसान पहुंचाया है।
- विमान की यूनिट: बताया जा रहा है कि गिराया गया विमान UK के RAF Lakenheath स्थित 494th Fighter Squadron का हिस्सा था।




