अमेरिका का ईरान को कड़ा संदेश, लेबनान के भविष्य पर अब ईरान नहीं चला पाएगा अपनी मनमानी
अमेरिका ने ईरान को लेकर एक बहुत बड़ा बयान दिया है. अमेरिकी अधिकारी ने साफ कहा है कि अब लेबनान के भविष्य पर ईरान अपनी शर्तें नहीं थोप पाएगा. इस बीच अमेरिका में लेबनान और इसराइल के बीच दशकों बाद सीधी बातचीत शुरू हुई है, जिसे शांति की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
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अमेरिका ने ईरान पर क्या सख्त कदम उठाए हैं
अमेरिकी सरकार ने ईरान पर दबाव बनाने के लिए उसके बंदरगाहों की घेराबंदी कर दी है. Gulf of Oman के रास्ते से आने वाले जहाजों को रोका गया है और कई जहाजों को वापस ईरान भेजने का आदेश दिया गया है. इसके अलावा, अमेरिका ने Kata’ib Hezbollah के नेता Ahmad al-Hamidawi की जानकारी देने वाले व्यक्ति को 10 मिलियन डॉलर का इनाम देने का ऐलान किया है.
लेबनान और इसराइल की बातचीत और विवाद क्या है
वाशिंगटन में लेबनान और इसराइल के बीच सालों बाद सीधी बातचीत हुई है, जिसमें अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio शामिल थे. लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने कहा है कि विवाद खत्म करने के लिए बातचीत ही एकमात्र रास्ता है. वहीं, Hezbollah इस बातचीत के खिलाफ है और उसने इसराइल के उत्तरी इलाकों में हमले जारी रखे हैं.
अमेरिका और ईरान के बीच वर्तमान स्थिति क्या है
अमेरिका का मानना है कि लेबनान उस ceasefire समझौते का हिस्सा नहीं है जो अमेरिका और ईरान के बीच हुआ था. राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिया है कि ईरान के साथ बातचीत पाकिस्तान में फिर से शुरू हो सकती है. दूसरी तरफ ईरान ने अमेरिका पर ceasefire के नियमों को तोड़ने का आरोप लगाया है.
| प्रमुख व्यक्ति/संस्था | भूमिका/देश |
|---|---|
| Donald Trump | राष्ट्रपति, अमेरिका |
| Marco Rubio | विदेश मंत्री, अमेरिका |
| Joseph Aoun | राष्ट्रपति, लेबनान |
| Benjamin Netanyahu | प्रधानमंत्री, इसराइल |
| Hezbollah | ईरान समर्थित समूह, लेबनान |




