Islamabad में हो सकती है US और Iran की बड़ी बैठक, पाकिस्तान और तुर्की ने मिलकर बनाया 15 सूत्रीय नया प्लान
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को खत्म करने के लिए पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र ने एक बड़ी कूटनीतिक कोशिश शुरू की है। इन तीनों देशों ने इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत कराने का दबाव बनाया है। व्हाइट हाउस के सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक अगले 48 घंटों के भीतर यानी गुरुवार तक हो सकती है। पाकिस्तान के जरिए ईरान को 15 सूत्रीय शांति प्रस्ताव भेजा गया है, जिसमें युद्ध रोकने और व्यापार बहाल करने के रास्ते सुझाए गए हैं।
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शांति प्रस्ताव के मुख्य बिंदु और क्या है 15 सूत्रीय योजना?
- ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सख्त पाबंदियां लगाने का प्रस्ताव दिया गया है।
- बदले में ईरान पर लगे कड़े आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने की बात कही गई है।
- होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने पर जोर दिया गया है ताकि ग्लोबल ऑयल सप्लाई शुरू हो सके।
- ईरान को नागरिक परमाणु ऊर्जा विकसित करने में तकनीकी सहायता का आश्वासन दिया गया है।
- पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस बैठक की मेजबानी के लिए अपनी सहमति और तैयारी जता दी है।
- अमेरिका ने इस बातचीत में शामिल होने के लिए सैद्धांतिक रूप से अपनी मंजूरी दे दी है।
ईरान और अमेरिका के नेताओं का वर्तमान रुख क्या है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर होने वाले संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए टाल दिया है। उन्होंने संकेत दिया है कि तेहरान के साथ बातचीत में कुछ सकारात्मक प्रगति हुई है और उन्हें एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव मिला है। हालांकि, ईरान के भीतर इस मुद्दे पर अलग-अलग राय दिख रही है। ईरान के संसद अध्यक्ष ने सीधी बातचीत की खबरों को गलत बताया है, जबकि वहां के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि मित्र देशों के जरिए उन्हें अमेरिका के संदेश मिले हैं। तुर्की और मिस्र के विदेश मंत्री भी इस प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए लगातार अमेरिकी दूतों के संपर्क में हैं।





