US-Iran Talks: इस्लामाबाद में शुरू हुई अमेरिका और ईरान की बातचीत, वाशिंगटन से पहुंचे एक्सपर्ट्स, शांति की जगी उम्मीद
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव खत्म करने के लिए पाकिस्तान के इस्लामाबाद में बड़ी बातचीत शुरू हुई है। दोनों देशों के बीच पिछले छह हफ्तों से चल रहे संघर्ष के बाद अब शांति समझौते की कोशिश की जा रही है। व्हाइट हाउस ने साफ किया है कि वाशिंगटन से अतिरिक्त एक्सपर्ट्स को भी इस बातचीत में मदद के लिए भेजा गया है ताकि कोई ठोस नतीजा निकल सके।
दोनों देशों की टीम में कौन-कौन शामिल है?
इस महत्वपूर्ण बैठक में दोनों देशों ने अपने बड़े अधिकारियों को भेजा है। अमेरिकी टीम का नेतृत्व उपराष्ट्रपति JD Vance कर रहे हैं, उनके साथ स्पेशल एनवॉय Steve Witkoff और राष्ट्रपति ट्रंप के दामाद Jared Kushner भी शामिल हैं। ईरान की तरफ से संसदीय स्पीकर मोहम्मद बाकर कालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराक़ची इस टीम का हिस्सा हैं।
| देश | प्रमुख सदस्य |
|---|---|
| अमेरिका | JD Vance, Steve Witkoff, Jared Kushner |
| ईरान | Mohammad Baqer Qalibaf, Abbas Araqchi, Ali Akbar Ahmadian |
| पाकिस्तान | Shehbaz Sharif, Ishaq Dar |
किन मुख्य बातों पर हो रही है चर्चा?
इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य एक लंबे समय तक चलने वाला शांति समझौता करना है। हालांकि, कुछ मुद्दों पर अभी भी असहमति बनी हुई है। ईरान अपनी जमी हुई संपत्ति को वापस चाहता है और लेबनान में युद्धविराम की मांग कर रहा है। वहीं अमेरिका ने संपत्ति छोड़ने की खबरों से इनकार किया है।
- संपत्ति का मुद्दा: ईरान चाहता है कि उसकी जमी हुई संपत्ति वापस मिले।
- लेबनान युद्ध: लेबनान में हिजबुल्लाह और इजराइल के बीच युद्धविराम की मांग।
- हॉर्मुज जलडमरूमध्य: इस समुद्री रास्ते से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही पर चर्चा।
- सीजफायर: 7 अप्रैल को हुए दो हफ्ते के युद्धविराम को स्थायी बनाना।
राष्ट्रपति ट्रंप और पाकिस्तान का क्या कहना है?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया के जरिए सख्त संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान केवल बातचीत करने के लिए जीवित है और उसे अमेरिका के साथ खेल नहीं खेलना चाहिए। दूसरी तरफ, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिकी टीम से मुलाकात की और उम्मीद जताई कि इस बातचीत से दुनिया में टिकाऊ शांति आएगी।




