अमेरिका और ईरान के बीच एक बड़े समझौते की खबर आई है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने बताया कि परमाणु निरीक्षक अब वापस ईरान जाएंगे। इस डील का मुख्य मकसद ईरान के पास मौजूद खतरनाक यूरेनियम के भंडार को पूरी तरह खत्म करना है।
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उपराष्ट्रपति JD Vance ने साफ किया कि इस समझौते में International Atomic Energy Agency (IAEA) की निगरानी रहेगी। राष्ट्रपति Donald Trump और ईरान के संसद अध्यक्ष Mohammad-Bagher Ghalibaf ने रविवार, 14 जून 2026 को इस समझौते के मेमोरेंडम (MOU) पर डिजिटल साइन किए हैं। यह दस्तावेज़ लगभग डेढ़ पेज का है जिसमें सामान्य बातें लिखी हैं और विस्तृत तकनीकी चर्चाएं शुक्रवार से शुरू होंगी।
इस समझौते की पूरी जानकारी इस हफ्ते जारी की जाएगी ताकि लोगों की गलतफहमियां दूर हो सकें। उम्मीद है कि शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में इसका औपचारिक हस्ताक्षर समारोह होगा। इस डील का लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को फिर से खोलना है।
JD Vance ने यह भी बताया कि ईरान को उसकी जमी हुई संपत्ति तभी मिलेगी जब वह समझौते की शर्तों को पूरी तरह मानेगा। उन्होंने संकेत दिया कि यूरेनियम खत्म करने के लिए अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका सैन्य भूमिका भी निभा सकता है, हालांकि इसकी उम्मीद कम है। यह समझौता फरवरी 2026 में अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद शुरू हुए संघर्ष को खत्म करने के लिए किया गया है।