अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है। सोमवार, 25 मई 2026 को तेल की कीमतें 6 फीसदी तक गिरकर दो हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गईं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी अधिकारियों के बयानों के बीच इस समझौते को लेकर चर्चा काफी तेज हो गई है। हालांकि, दोनों देशों के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य और परमाणु कार्यक्रम जैसे मुख्य मुद्दों पर अभी भी मतभेद बने हुए हैं।

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समझौते के प्रस्ताव में क्या हैं मुख्य बातें?

अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों के लिए युद्धविराम बढ़ाने और परमाणु वार्ता के लिए एक रूपरेखा तैयार करने पर चर्चा चल रही है। इस संभावित समझौते के तहत कई महत्वपूर्ण बातें सामने आई हैं:

  • होर्मुज जलडमरूमध्य को जहाजों की आवाजाही के लिए फिर से खोलना।
  • ईरान की तरफ से इस समुद्री रास्ते में बिछाई गई बारूदी सुरंगों को साफ करना।
  • अमेरिका द्वारा ईरान के बंदरगाहों से नाकेबंदी हटाने और उसे तेल बेचने के लिए प्रतिबंधों में ढील देना।
  • ईरान द्वारा अपने संवर्धित यूरेनियम के भंडार को नष्ट करने पर सैद्धांतिक सहमति जताना, हालांकि ईरान इस बात से इनकार कर रहा है।

दोनों देशों के अधिकारियों और नेताओं का क्या है रुख?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि समझौते पर काफी हद तक बातचीत हो चुकी है, लेकिन अमेरिका जल्दबाजी में कोई कदम नहीं उठाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक समझौते पर पूरी तरह हस्ताक्षर नहीं हो जाते, तब तक नाकेबंदी जारी रहेगी। वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संकेत दिया कि मेज पर एक मजबूत प्रस्ताव है और जल्द ही अच्छी खबर आ सकती है।

दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि बातचीत में प्रगति हुई है लेकिन समझौता इतनी जल्दी होने की उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा कि इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि अमेरिका अपनी प्रतिबद्धताओं का सम्मान करेगा। इसके साथ ही ईरान की समाचार एजेंसी फार्स ने दावा किया है कि समझौता होने के बाद भी होर्मुज जलडमरूमध्य का प्रबंधन ईरान के पास ही रहेगा।

वैश्विक स्तर पर क्या हो रही है हलचल?

इस पूरे मामले पर नजर रखने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), पाकिस्तान, मिस्र, जॉर्डन और बहरीन के नेताओं के साथ फोन पर चर्चा की है। पाकिस्तान ने इस बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभाने और अगले दौर की बैठक की मेजबानी करने की इच्छा जताई है। इसके अलावा ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर और यूरोपीय संघ की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयन ने भी इस बातचीत में हुई प्रगति का स्वागत किया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कच्चे तेल की कीमतों में कितनी गिरावट आई है?

अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की उम्मीदों के कारण सोमवार, 25 मई 2026 को कच्चे तेल की कीमतें 6 फीसदी तक गिरकर दो हफ्ते के निचले स्तर पर आ गईं।

क्या अमेरिका और ईरान के बीच समझौता फाइनल हो गया है?

नहीं, अभी दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि जब तक समझौते पर हस्ताक्षर नहीं हो जाते, तब तक प्रतिबंध लागू रहेंगे, वहीं ईरान का कहना है कि समझौता अभी बहुत करीब नहीं है।