अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को रोकने के लिए पाकिस्तान में शांति वार्ता होने वाली है। अमेरिकी टीम इस दौरान ईरान से अपने पकड़े गए नागरिकों को रिहा करने की मांग करेगी। वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, इस बैठक का मुख्य मकसद युद्ध को खत्म करना और कैदियों को वापस लाना है। फिलहाल दोनों देशों के बीच एक नाजुक युद्धविराम चल रहा है।

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अमेरिका की टीम में कौन-कौन शामिल है?

इस बातचीत का नेतृत्व उपराष्ट्रपति JD Vance कर रहे हैं, जो 10 अप्रैल को पाकिस्तान के लिए रवाना हुए। उनके साथ अमेरिकी विशेष दूत Steve Witkoff और Jared Kushner भी शामिल हैं। व्हाइट हाउस ने बताया कि बातचीत जारी है और वे मीडिया के जरिए कोई डील नहीं करेंगे। उपराष्ट्रपति ने ईरान को चेतावनी दी है कि वह अमेरिका के साथ खेल न खेले।

युद्धविराम और ताजा हालात क्या हैं?

7-8 अप्रैल के आसपास अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच दो हफ्ते का युद्धविराम घोषित हुआ था। हालांकि, यह शांति बहुत कमजोर है क्योंकि इस बीच कई हमले हुए हैं। ईरान की एक तेल रिफाइनरी पर हमला हुआ और कुवैत व UAE में भी हवाई हमले की खबरें आई हैं। पाकिस्तान इस पूरी प्रक्रिया में चीन के समर्थन के साथ मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।

बातचीत में किन बातों पर जोर रहेगा?

मुख्य रूप से अमेरिका अपने कम से कम छह नागरिकों की रिहाई चाहता है। इसके अलावा, अमेरिका और इजराइल चाहते हैं कि ईरान अपने मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम को खत्म करे। वहीं ईरान के परमाणु एजेंसी प्रमुख Mohammad Eslami ने कहा है कि यूरेनियम समृद्ध करने का अधिकार उनके लिए जरूरी है और इसी पर बातचीत होगी।